Lucknow में 12 साल से कम उम्र के बच्चों में बढ़ रहा तनाव, टेली-मानस हेल्पलाइन पर आईं हजारों कॉल
Lucknow: शहर के छोटे बच्चों में मानसिक तनाव, डर और अकेलेपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। सरकारी हेल्पलाइन टेली-मानस के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले एक साल में 12 साल से कम उम्र के बच्चों की तरफ से 2377 से ज्यादा कॉल आई
Lucknow: शहर के छोटे बच्चों में मानसिक तनाव, डर और अकेलेपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। सरकारी हेल्पलाइन टेली-मानस के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले एक साल में 12 साल से कम उम्र के बच्चों की तरफ से 2377 से ज्यादा कॉल आईं। ये बच्चे मुख्य रूप से चिंता, गुस्से और अकेलेपन जैसी समस्याओं के लिए मदद मांग रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई का बढ़ता दबाव, सोशल मीडिया का असर और परिवार में बदलती बातचीत के तरीकों की वजह से बच्चे तनाव में हैं। इस कारण बच्चों में ADHD, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं देखी जा रही हैं। KGMU के मनोरोग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर विवेक अग्रवाल और डॉ. अलीम सिद्दीकी के मुताबिक, माता-पिता और बच्चों के बीच बातचीत की कमी इस समस्या की एक बड़ी वजह है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जो बच्चे 12 साल की उम्र से पहले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लगते हैं, उनमें डिप्रेशन, मोटापे और नींद की कमी का खतरा ज्यादा रहता है। लखनऊ के RS न्यूरोसाइकियाट्री सेंटर के डॉ. अपूर्वा उपाध्याय ने बताया कि बच्चों के साथ खुलकर बात करना, उनके लिए एक सही रूटीन बनाना और स्क्रीन टाइम को कम करना बहुत जरूरी है।
बता दें कि टेली-मानस केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक पहल है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे चालू रहती है और 20 अलग-अलग भाषाओं में मुफ्त और गोपनीय सहायता देती है। लखनऊ की King George Medical University (KGMU) को इस कार्यक्रम के लिए ट्रेनिंग संस्थान बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में अब तक बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर उतना ध्यान नहीं दिया गया है, जितना दिया जाना चाहिए।