UP: लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में बुधवार, 27 मई 2026 को ‘छोड़ो कल की बातें’ नाटक का मंचन किया गया. श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस नाटक में आज के दौर में रिश्तों
UP: लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में बुधवार, 27 मई 2026 को ‘छोड़ो कल की बातें’ नाटक का मंचन किया गया. श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस नाटक में आज के दौर में रिश्तों के बीच बढ़ती दूरी और मानवीय संवेदनाओं के खत्म होने जैसे गंभीर विषयों को दिखाया गया. नाटक के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि कैसे भौतिक सुखों की अंधी दौड़ में लोग अपनों को भूलते जा रहे हैं.
नाटक में किन मुख्य मुद्दों को दिखाया गया
इस नाटक की कहानी संयुक्त परिवारों में बढ़ती उदासीनता और बुजुर्गों की उपेक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है. मंच पर दिखाया गया कि कैसे आधुनिक समाज में पारिवारिक रिश्ते टूट रहे हैं और लोग एक-दूसरे के प्रति संवेदनहीन होते जा रहे हैं. नाटक के मार्मिक दृश्यों को देखकर वहां मौजूद दर्शक काफी भावुक हो गए.
नाटक की टीम और कलाकारों की जानकारी
इस नाटक को जेपी सिंह ‘जयवर्धन’ ने लिखा था और इसका निर्देशन अनुपम बिसारिया ने किया. नाटक में कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया, जिनकी लिस्ट नीचे दी गई है:
- टप्पू: आदित्य वर्मा
- जगन लाल: अश्वनी मक्खन
- घनश्याम: राजेश मिश्रा
- महावीर: अनुपम बिसारिया
- उमा देवी: अनीता वर्मा
Frequently Asked Questions (FAQs)
छोड़ो कल की बातें नाटक का आयोजन कहाँ और कब हुआ
यह नाटक बुधवार, 27 मई 2026 को लखनऊ के गोमती नगर में स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में मंचित किया गया.
इस नाटक का मुख्य उद्देश्य और विषय क्या था
नाटक का मुख्य विषय संयुक्त परिवारों में बुजुर्गों की उपेक्षा, रिश्तों में बढ़ती दूरी और भौतिकता की अंधी दौड़ में घटती मानवीय संवेदनाओं को दिखाना था.