Lucknow में जनगणना से खुला शहर के विस्तार का सच, 1.11 लाख नए मकान मिले; नगर निगम की बढ़ेगी कमाई
Lucknow: राजधानी लखनऊ में जनगणना के पहले चरण के बाद शहर के विस्तार की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। सर्वे के दौरान 1.11 लाख से ज्यादा ऐसे नए घर मिले हैं, जो अब तक नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। इस पूरी प्रक्रिया से
Lucknow: राजधानी लखनऊ में जनगणना के पहले चरण के बाद शहर के विस्तार की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। सर्वे के दौरान 1.11 लाख से ज्यादा ऐसे नए घर मिले हैं, जो अब तक नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। इस पूरी प्रक्रिया से न केवल शहर की बढ़ती आबादी का पता चला है, बल्कि अब नगर निगम की कमाई बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा शहर के विकास कार्यों में देखने को मिल सकता है।
भवन गणना का यह काम 17 जून को पूरा हुआ, जिसमें कुल 12,95,852 भवनों की गिनती की गई। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड में केवल 7,65,286 मकान ही पंजीकृत थे। इस अंतर का मतलब है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे घर और दुकानें बन गई हैं, जिन पर अब तक टैक्स नहीं लग रहा था। इन नए भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के टैक्स निर्धारण से नगर निगम के बजट में अच्छी बढ़ोतरी होगी।
इस डिजिटल जनगणना के दौरान केवल रिहायशी मकान ही नहीं, बल्कि 2,15,111 गैर-आवासीय इकाइयां जैसे दुकानें, ऑफिस, स्कूल और कॉलेज भी चिह्नित किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब लखनऊ की कुल जनसंख्या 41,49,780 तक पहुंच गई है। पूरे उत्तर प्रदेश में यह अभियान 22 मई से 20 जून 2026 तक चला, जिसमें लगभग छह करोड़ मकानों की गिनती की गई है।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| कुल चिह्नित भवन (लखनऊ) | 12,95,852 |
| नगर निगम में पंजीकृत पुराने मकान | 7,65,286 |
| नए चिह्नित हाउसहोल्ड | 1.11 लाख से अधिक |
| गैर-आवासीय इकाइयां (दुकान/ऑफिस) | 2,15,111 |
| लखनऊ की कुल जनसंख्या | 41,49,780 |
| सर्वे में पूछे गए कुल सवाल | 33 प्रश्न |
नगर आयुक्त IAS गौरव कुमार ने बताया कि जनगणना देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है और लोगों को इसमें सहयोग करना चाहिए। वहीं, जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक शीतल वर्मा ने साफ किया कि यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और इसमें जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसे किसी पुलिस या टैक्स एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस अभियान की शुरुआत की थी। इस काम को पारदर्शी बनाने के लिए लखनऊ के सभी 8 जोनों में विशेष नियंत्रण कक्ष बनाए गए थे। हालांकि, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 479 कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई भी शुरू की है।