UP : लखनऊ के हजरतगंज इलाके में जनगणना कार्य के दौरान एक सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। नियोजन विभाग के अपर सांख्यिकी अधिकारी संतोष कुमार वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने एक दंपती के खिलाफ मुकदम
UP : लखनऊ के हजरतगंज इलाके में जनगणना कार्य के दौरान एक सरकारी अधिकारी के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। नियोजन विभाग के अपर सांख्यिकी अधिकारी संतोष कुमार वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने एक दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि सरकारी काम में बाधा डालने के साथ-साथ अधिकारी को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
क्या है पूरा मामला और किसने की मारपीट
यह घटना 9 जून 2026 को दोपहर करीब 1:50 बजे की है। संतोष कुमार वर्मा राम मोहन वार्ड के सर्किल-17 क्षेत्र में पर्यवेक्षक के तौर पर निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान आकाश दीप सोनकर और उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि आकाश दीप ने अधिकारी को गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी, वहीं विजय लक्ष्मी ने भी गाली-गलौज करते हुए उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी नियम
पीड़ित अधिकारी की तहरीर पर 12 जून 2026 को हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। नियमों के मुताबिक, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4, 5 और 11 के तहत नियुक्त कर्मचारी ‘लोक सेवक’ होते हैं। जनगणना कार्य में बाधा डालना या सहयोग न करना कानूनी अपराध है, जिसमें जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना कार्य में बाधा डालने पर क्या सजा हो सकती है?
जनगणना अधिनियम 1948 के अनुसार, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने या लापरवाही बरतने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक की जेल हो सकती है।
यह घटना लखनऊ के किस इलाके की है?
यह घटना लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राम मोहन वार्ड के सर्किल-17 में हुई है।