UP: लखनऊ नगर निगम ने जनगणना-2027 के काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी से गायब रहने वाले 615 कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थानों को शिकायत भेज दी गई है। प्रशासन ने सा
UP: लखनऊ नगर निगम ने जनगणना-2027 के काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी से गायब रहने वाले 615 कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थानों को शिकायत भेज दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी काम में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों हो रही है कर्मचारियों पर यह कार्रवाई?
जनगणना का पहला चरण यानी मकानों की गिनती का काम 16 मई से 14 जून, 2026 तक चलना है। इस काम के लिए नियुक्त करीब 25% कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने 20 मई को ही चेतावनी दी थी कि 22 मई के बाद भी जो काम पर नहीं लौटे, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। कई कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बंद मिले या गलत पाए गए, जिससे संपर्क करना मुश्किल हो गया।
क्या है सजा का प्रावधान और नियम?
यह पूरी कार्रवाई जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत की जा रही है। इस कानून के मुताबिक, अगर कोई नियुक्त अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के अपनी ड्यूटी करने से मना करता है या लापरवाही करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। जिलाधिकारी विशाख जी और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी इस मामले में सख्त निर्देश दिए हैं।
काम में और क्या समस्याएं आईं?
रिपोर्ट के मुताबिक, भीषण गर्मी को भी अनुपस्थिति की एक वजह माना जा रहा है। इसके अलावा, कुछ सफाई कर्मचारियों और चपरासियों को इस काम के लिए ‘अनुपयोगी’ पाया गया क्योंकि उनकी पढ़ाई केवल पांचवीं या आठवीं तक थी। प्रशासन को डर था कि कम पढ़े-लिखे कर्मचारियों की वजह से डेटा अपलोड करने में गलती हो सकती है, जिससे पूरी गणना प्रभावित होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना ड्यूटी से गायब रहने पर कितनी सजा हो सकती है?
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत, ड्यूटी में लापरवाही या काम से इनकार करने पर दोषी कर्मचारी को 3 साल तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
लखनऊ में जनगणना का पहला चरण कब तक चलेगा?
जनगणना-2027 के पहले चरण ‘मकान सूचीकरण और मकानों की गणना’ का कार्य 16 मई से 14 जून, 2026 तक संचालित किया जाना है।