UP: लखनऊ नगर निगम ने जनगणना-2027 के काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ड्यूटी से गायब रहने वाले 540 कर्मचारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय मह
UP: लखनऊ नगर निगम ने जनगणना-2027 के काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ड्यूटी से गायब रहने वाले 540 कर्मचारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और दोषी कर्मचारियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
किन कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई और क्या है मामला?
जनगणना-2027 के पहले चरण में मकानों की लिस्ट बनाने और नंबरिंग का काम 22 मई 2026 से शुरू हुआ है। इस काम में बेसिक शिक्षा, PWD, सिंचाई, बाल विकास पुष्टाहार, पंचायत विभाग और CMO ऑफिस जैसे अलग-अलग विभागों के कर्मचारी लगे हैं। इनमें से 540 कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति हुई। ताजा अपडेट के मुताबिक, 479 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
लापरवाही बरतने पर कितनी सजा और जुर्माना हो सकता है?
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4, 5 और 11 के तहत ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ‘लोक सेवक’ माने जाते हैं। इस काम में सहयोग करना उनका कानूनी फर्ज है। अगर कोई कर्मचारी लापरवाही करता है या ड्यूटी से गायब रहता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही, दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है।
अधिकारियों ने क्या कहा और अब आगे क्या होगा?
अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद अनुपस्थित कर्मियों को चेतावनी दी गई थी। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और जनगणना प्रभारी मनोज यादव ने स्पष्ट किया है कि इस काम में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। अब हजरतगंज, गाजीपुर, अलीगंज, ठाकुरगंज और आशियाना जैसे थानों में शिकायतें भेजी गई हैं ताकि अनुपस्थित कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर क्या सजा मिल सकती है?
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत लापरवाही बरतने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की जेल हो सकती है।
लखनऊ में कितने कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है?
नगर निगम ने 540 कर्मचारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की थी, जबकि 24 मई 2026 तक 479 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।