UP: लखनऊ में जनगणना 2027 के पहले चरण का काम 22 मई 2026 से शुरू हो गया है। इसकी औपचारिक शुरुआत पांच कालिदास मार्ग से की गई, जिसमें फिलहाल मकानों की गिनती और उनकी सूची बनाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
UP: लखनऊ में जनगणना 2027 के पहले चरण का काम 22 मई 2026 से शुरू हो गया है। इसकी औपचारिक शुरुआत पांच कालिदास मार्ग से की गई, जिसमें फिलहाल मकानों की गिनती और उनकी सूची बनाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रक्रिया को समावेशी विकास का आधार बताया है और नगर आयुक्त ने लोगों से सही जानकारी देने की अपील की है।
जनगणना का शेड्यूल और जरूरी तारीखें क्या हैं?
मकानों की गिनती और नंबरिंग का यह पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण यानी जनसंख्या और जातीय गणना फरवरी 2027 में की जाएगी। जनगणना के अंतिम आंकड़े 1 मार्च 2027 को रात 12 बजे जारी किए जाएंगे। खास बात यह है कि 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज रहेंगी, यानी इस दौरान कोई नया तहसील या राजस्व ग्राम नहीं बनेगा।
डिजिटल जनगणना के नियम और प्रगणकों की पहचान कैसे करें?
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से हो रही है। प्रगणकों के पास नगर निगम का फोटोयुक्त पहचान पत्र होना जरूरी है। नागरिकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह काम पूरी तरह मुफ्त है और किसी को कोई शुल्क देने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों ने 7 से 21 मई के बीच ऑनलाइन स्व-गणना की है, उन्हें प्रगणक को अपनी 11 अंकों की SE-ID (जो ‘H’ से शुरू होती है) दिखानी होगी। प्रगणक मकानों की स्थिति और सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे और डेटा में पांच बार सुधार का मौका मिलेगा।
लखनऊ में मदद के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
लखनऊ नगर निगम ने शहर के सभी 8 जोनों में ‘जनगणना नियंत्रण कक्ष’ बनाए हैं, जो सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक काम करेंगे। किसी भी समस्या के लिए जोन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जैसे जोन 8 के लिए 9919476939 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा पूरे देश के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी चालू कर दिया गया है। लखनऊ में इस काम के लिए 6270 प्रगणक और 1049 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना के पहले चरण में क्या काम होगा और यह कब तक चलेगा?
पहले चरण में मकानों की गिनती, नंबरिंग और सूचीकरण का काम होगा। यह प्रक्रिया 22 मई 2026 से शुरू होकर 20 जून 2026 तक चलेगी।
क्या जनगणना के लिए प्रगणकों को कोई पैसा देना होगा?
नहीं, जनगणना का कार्य पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी नागरिक को प्रगणक या अधिकारी को कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
जातीय गणना और जनसंख्या की गिनती कब होगी?
जनसंख्या गणना और जातीय गणना जनगणना के दूसरे चरण में होगी, जो फरवरी 2027 में निर्धारित की गई है।