Uttar Pradesh: लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के नारे के साथ इस अभियान की शुरुआत की। अब प्रगणक घर-घर जाकर लोगों की जानक
Uttar Pradesh: लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के नारे के साथ इस अभियान की शुरुआत की। अब प्रगणक घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटाएंगे, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।
जनगणना की प्रक्रिया और जरूरी तारीखें क्या हैं?
जनगणना का पहला चरण 22 मई 2026 से शुरू हुआ है, जो 20 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घरों में जाकर मकान और सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे। वहीं, जनसंख्या और जाति की गणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस बार डिजिटल जनगणना हो रही है, जिससे डेटा जुटाना आसान होगा।
स्व-गणना (Self-Enumeration) का क्या रहा असर?
ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा 21 मई 2026 को खत्म हो गई। लखनऊ में अब तक 98,615 लोगों ने खुद अपना फॉर्म भरा है, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 46.93 लाख लोगों ने स्व-गणना की। जिन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भरा है, उन्हें अपनी 11 अंकों की Self-Enumeration ID (SEID) प्रगणक को देनी होगी। जिन्होंने फॉर्म नहीं भरा, उनकी जानकारी प्रगणक खुद लिखेंगे।
लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ क्या होगी कार्रवाई?
अपर नगर आयुक्त Abhinav Ranjan Srivastava ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जनगणना ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 22 मई से जो सुपरवाइजर या प्रगणक बिना बताए ड्यूटी से गायब रहेंगे, उनके खिलाफ Census Act 1948 की धारा 11 के तहत FIR दर्ज होगी। इसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान है। प्रदेश भर में करीब 5.25 लाख कर्मचारी इस काम में लगे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर मैंने ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म भर दिया है तो क्या होगा?
जिन लोगों ने se.census.gov.in पर फॉर्म भरा है, उन्हें प्रगणक के आने पर अपनी 11 अंकों की SEID देनी होगी, जिससे वेरिफिकेशन आसानी से हो जाएगा।
जनगणना के पहले चरण में प्रगणक क्या जानकारी लेंगे?
पहले चरण में हाउस लिस्टिंग का काम होगा, जिसमें प्रगणक घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, परिवार और संपत्ति से जुड़े कुल 33 सवाल पूछेंगे।