UP: लखनऊ में कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर के बड़े अस्पतालों और डॉक्टरों ने इस बात पर चिंता जताई है कि अब यह बीमारी केवल बढ़ी उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं रही। खराब जीवनशैली और ज
UP: लखनऊ में कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर के बड़े अस्पतालों और डॉक्टरों ने इस बात पर चिंता जताई है कि अब यह बीमारी केवल बढ़ी उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं रही। खराब जीवनशैली और जागरूकता की कमी की वजह से युवा लड़कियां भी इसकी चपेट में आ रही हैं।
ब्रेस्ट कैंसर बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के डॉ. आयुष लोहिया के मुताबिक, 20 साल की उम्र के बाद से ही महिलाओं में इसका खतरा रहता है। गलत खान-पान, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, मोटापा और मानसिक तनाव इसके बड़े कारण हैं। इसके अलावा देर से शादी करना, स्तनपान की कमी और प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय कारक भी इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं।
शुरुआती लक्षण क्या हैं और कब डॉक्टर से मिलें?
KGMU के डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि बहुत सी महिलाएं बीमारी बढ़ने पर ही अस्पताल पहुंचती हैं। अगर छाती में बिना दर्द वाली गांठ महसूस हो, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव दिखे, लाल चकत्ते हों या निप्पल से कोई असामान्य स्राव हो, तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि 20 साल के बाद हर महिला को खुद अपनी जांच करनी चाहिए।
इलाज और बचाव के लिए विशेषज्ञों की राय
मेदांता लखनऊ और KGMU के डॉक्टरों ने समय पर पहचान और इलाज पर जोर दिया है। डॉ. आशीष आनंद ने चेतावनी दी कि अधूरा इलाज घातक हो सकता है और कैंसर दोबारा लौट सकता है। हालांकि, डॉ. कुलरंजन ने बताया कि चौथे चरण के मरीजों के लिए भी अब तीन नई दवाएं आई हैं, जो बीमारी को कंट्रोल करने में मदद करती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ब्रेस्ट कैंसर की जांच कब से शुरू करनी चाहिए?
डॉक्टरों के अनुसार, 20 साल की उम्र के बाद हर महिला को नियमित रूप से स्वयं स्तन की जांच करनी चाहिए और किसी भी बदलाव पर विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
क्या यह बीमारी केवल जेनेटिक होती है?
नहीं, KGMU के अनुसार केवल 5% मामले आनुवंशिक या जेनेटिक होते हैं, बाकी मामलों में जीवनशैली, मोटापा और पर्यावरणीय कारक मुख्य भूमिका निभाते हैं।