Lucknow में कोडीन सिरप के बाद अब ‘नीले कैप्सूल’ का नशा, 5 लाख रुपये की खेप पकड़ी गई
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नशे का एक नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है। यहां युवाओं के बीच अब कोडीन सिरप के बाद ‘नीले कैप्सूल’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस और प्रशासन ने इस रैकेट पर कार्रवाई करते हुए करीब
Lucknow: राजधानी लखनऊ में नशे का एक नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है। यहां युवाओं के बीच अब कोडीन सिरप के बाद ‘नीले कैप्सूल’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस और प्रशासन ने इस रैकेट पर कार्रवाई करते हुए करीब 5 लाख रुपये मूल्य के कैप्सूल जब्त किए हैं। इस नए चलन ने दवा व्यापारियों को भी हैरान कर दिया है।
लखनऊ में पहले से ही करोड़ों रुपये के कोडीन सिरप रैकेट का खुलासा हो चुका था, जिसके बाद अब यह नया मामला सामने आया है। शहर के युवाओं में इन नीले कैप्सूल की मांग बढ़ रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में चल रहे नशीली दवाओं और नकली दवाओं के खिलाफ बड़े अभियान का हिस्सा है।
राज्य में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। हाल ही में लखनऊ के अमीनाबाद और बीकेटी इलाकों में भी नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ था। अमीनाबाद में 43 तरह की नकली दवाएं मिली थीं, जबकि बीकेटी में एक वैन से 4.37 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गई थीं। इसके अलावा, लखनऊ में एक संगठित सिंडिकेट के जरिए करीब 15.5 लाख रुपये की नकली दवाओं का कारोबार भी पकड़ा गया था।
नशे के लिए इन कैप्सूलों का इस्तेमाल पहले भी बरेली जैसे शहरों में देखा गया था, जहां दर्द निवारक ‘स्पास्मो प्रॉक्सीवोन कैप्सूल’ को नशे के तौर पर बेचा जाता था। यूपी सरकार ने कोडीन सिरप और अन्य साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध व्यापार को रोकने के लिए SIT का गठन किया है और कई जिलों में बड़ी गिरफ्तारियां की हैं।