Lucknow में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन, पुलिस ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

Lucknow: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बुधवार को माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भीम आर्मी से जुड़े छात्रों और पदाधिकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास

Lucknow: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बुधवार को माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भीम आर्मी से जुड़े छात्रों और पदाधिकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास जमा हुए थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों के समर्थन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताएं हैं, जिसे लेकर वे केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लखनऊ पुलिस ने अंबेडकर प्रतिमा के आसपास भारी संख्या में बल तैनात किया था। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पदाधिकारियों को पकड़कर बसों के जरिए ईको गार्डन भेज दिया।

इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे छात्रों को भड़काने के लिए झूठी कहानियां फैला रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार संसद में इस पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

दूसरी तरफ, भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली में पुलिस की कथित बर्बरता के विरोध में 25 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। इससे पहले 21 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, विरोध जारी रहेगा।