UP: लखनऊ शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी सुविधा शुरू की है। बुधवार, 28 मई 2026 को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री AK Sharma और मेयर Sushma Kharkwal ने जोन-4 के भैंसोरा इलाके में नए FCTS प्लांट का उद्घाटन किय
UP: लखनऊ शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी सुविधा शुरू की है। बुधवार, 28 मई 2026 को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री AK Sharma और मेयर Sushma Kharkwal ने जोन-4 के भैंसोरा इलाके में नए FCTS प्लांट का उद्घाटन किया। इस प्लांट के शुरू होने से शहर के कचरा प्रबंधन में काफी सुधार आएगा और गंदगी कम होगी।
FCTS प्लांट की क्षमता और काम क्या है?
भैंसोरा में बना यह नया प्लांट रोजाना 150 टन कचरे को ठिकाने लगाने की क्षमता रखता है। नगर विकास मंत्री AK Sharma ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मशीनरी और कर्मचारियों का सही इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने और कचरे को अलग-अलग करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि शहर सुंदर और व्यवस्थित दिखे।
लखनऊ बना ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’
लखनऊ को 21 जनवरी और 5 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश का पहला ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’ घोषित किया गया था। इसका मतलब है कि यहां कचरे का 100% वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाता है। मेयर Sushma Kharkwal ने बताया कि शिवरी प्लांट में भी कचरे से खाद और ईंधन बनाया जाता है जिससे नगर निगम को कमाई होती है। शहर में कूड़ा उठाने के लिए 1000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल हो रहा है।
कचरा प्रबंधन के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए?
नगर निगम ने पिछले कुछ समय में कचरा निस्तारण की क्षमता काफी बढ़ाई है। जून 2025 में शिवरी प्लांट में 700 मीट्रिक टन की नई यूनिट जोड़ी गई थी, जिससे कुल क्षमता 2100 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गई। अब 25 मई 2026 को 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, जिसमें पेड़ों और घास की छंटाई से निकलने वाले कचरे के लिए अलग प्लांट लगाना भी शामिल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भैंसोरा में खुले नए FCTS प्लांट की क्षमता कितनी है?
भैंसोरा स्थित इस नए हाई-टेक प्लांट में प्रतिदिन 150 टन कचरे का निस्तारण किया जा सकेगा।
लखनऊ को ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’ कब घोषित किया गया?
लखनऊ को 21 जनवरी और 5 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश का पहला जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी घोषित किया गया था।