Lucknow में बकरी से टकराने पर श्रमिक की पिटाई, मौत के बाद आरोपी जेल और दो दारोगा निलंबित

Lucknow: बंथरा के मवई पड़ियाना गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जितेंद्र कुमार नाम के 32 वर्षीय श्रमिक की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ

Lucknow: बंथरा के मवई पड़ियाना गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जितेंद्र कुमार नाम के 32 वर्षीय श्रमिक की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में हल्का प्रभारी प्रवीण पाल और दारोगा शशांक मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है।

यह पूरा मामला 27 जून 2026 का है, जब जितेंद्र की बाइक महिपाल सिंह की बकरी से टकरा गई थी। इस बात पर विवाद हुआ और महिपाल ने जितेंद्र की बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। पुलिस ने महिपाल सिंह को इस शर्त पर छोड़ा था कि वह जितेंद्र के इलाज का पूरा खर्च उठाएगा।

7 जुलाई 2026 को महिपाल सिंह ने इलाज के पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद जितेंद्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मंगलवार तड़के जितेंद्र की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव वालों और परिजनों में भारी गुस्सा था। 7 जुलाई की सुबह लोगों ने मवई चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसीपी कृष्णानगर अभिषेक पांडेय और इंस्पेक्टर बंथरा राणा राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जितेंद्र के पिता रामकुमार की शिकायत पर महिपाल सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (BNS की धारा 105) के तहत केस दर्ज किया। बाद में परिजनों की मांग पर अनीस और एक अन्य व्यक्ति का नाम भी आरोपियों की सूची में जोड़ा गया।

पुलिस विभाग ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया है। हल्का प्रभारी और दारोगा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। कानून के मुताबिक, गैर इरादतन हत्या एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दोषी को 10 साल तक की जेल या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।