UP: लखनऊ की बंथरा पुलिस ने रविवार, 31 मई 2026 को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक खास कार्यक्रम किया। यह आयोजन कटी बगिया स्थित टेंपो स्टैंड के पास किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। पुलिस ने लोगो
UP: लखनऊ की बंथरा पुलिस ने रविवार, 31 मई 2026 को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक खास कार्यक्रम किया। यह आयोजन कटी बगिया स्थित टेंपो स्टैंड के पास किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। पुलिस ने लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि वे अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें।
मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस कार्यक्रम का मकसद महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों को उनकी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सचेत करना था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकार की इस योजना के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना प्राथमिकता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई ताकि जरूरत पड़ने पर वे इनका लाभ उठा सकें।
मिशन शक्ति अभियान के तहत क्या कदम उठाए गए हैं
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति की शुरुआत 17 अक्टूबर 2020 को की थी। इसके तहत अब विशेष मिशन शक्ति केंद्र बनाए जा रहे हैं, जो मिनी पुलिस चौकियों की तरह काम करेंगे। इन केंद्रों का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे और यहां महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक जगहों पर एंटी-रोमियो स्क्वॉड की निगरानी भी तेज कर दी गई है।
बंथरा पुलिस की अब तक की गतिविधियां
बंथरा पुलिस क्षेत्र में जागरूकता फैलाने का काम लगातार जारी है। इससे पहले 6 दिसंबर 2025 को हसनखेड़ा और मजरा भटगांव में भी इसी तरह के कार्यक्रम किए गए थे। पुलिस का लक्ष्य हर ग्राम पंचायत और वार्ड तक पहुंचना है ताकि गांव और शहर की हर महिला अपने अधिकारों को जान सके और निडर होकर रह सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिशन शक्ति अभियान क्या है और इसे कब शुरू किया गया था
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 17 अक्टूबर 2020 को शुरू की गई एक बहु-आयामी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
मिशन शक्ति केंद्रों का संचालन कैसे होगा
इन केंद्रों का नेतृत्व एक सब-इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी करेगा। यहां महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती होगी और यह केंद्र महिलाओं से जुड़े मामलों को सुलझाने वाली मिनी पुलिस चौकी के रूप में काम करेंगे।