UP: लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 2,29,500 रुपये निकाल लिए। यह घटना 5 जून 2026 की शाम करीब 3:40 बजे हुई। पीड़ित को इस ठगी की जानकारी बैंक से आए एसएमएस
UP: लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 2,29,500 रुपये निकाल लिए। यह घटना 5 जून 2026 की शाम करीब 3:40 बजे हुई। पीड़ित को इस ठगी की जानकारी बैंक से आए एसएमएस के जरिए मिली, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
कैसे हुई ठगी और अब क्या कार्रवाई हो रही है?
डीसीपी के आदेश के बाद बंथरा पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगों ने ऑनलाइन लेनदेन का सहारा लेकर खाते से पैसे उड़ाए। लखनऊ में इन दिनों साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं, जिसके चलते पुलिस अलर्ट पर है। हाल ही में सैरपुर पुलिस ने भी यूपीआई ठगी के मामले में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया था।
साइबर ठगी होने पर क्या करें और कहाँ शिकायत करें?
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए 3 जून 2026 को “1930 स्टैंडअलोन 2.0” शुरू किया है। इसमें एक नया 30 सीटों वाला कॉल सेंटर और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए ताकि लूटी गई रकम को जल्द फ्रीज कराया जा सके।
लखनऊ में साइबर अपराधों की वर्तमान स्थिति क्या है?
संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के अनुसार, 2025 में करीब 6,456 साइबर शिकायतों का निपटारा किया गया और 11.68 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कराई गई। शहर में ठगी के अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, जैसे मोबाइल हैकिंग और यूपीआई फ्रॉड। हाल ही में बीकेटी महिला थाने की एक महिला दरोगा के खाते से भी 1.64 लाख रुपये निकाले गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
ठगी का शिकार होने पर तुरंत सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इससे पुलिस और बैंक मिलकर ठगी गई रकम को फ्रीज करने की कोशिश करते हैं।
यूपी पुलिस ने साइबर अपराध रोकने के लिए क्या नई सुविधा शुरू की है?
डीजीपी ने 3 जून 2026 को ‘1930 स्टैंडअलोन 2.0’ और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) की शुरुआत की है ताकि पीड़ितों को त्वरित सहायता मिल सके।