UP: लखनऊ के बंथरा इलाके में एक बाइक के साइलेंसर से पटाखा बजाने को लेकर झगड़ा हो गया. कुरौनी गांव में हुए इस विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस ने गांव के चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है. क्या है पूरा
UP: लखनऊ के बंथरा इलाके में एक बाइक के साइलेंसर से पटाखा बजाने को लेकर झगड़ा हो गया. कुरौनी गांव में हुए इस विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गई, जिसके बाद पुलिस ने गांव के चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है.
क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई
बंथरा थाना क्षेत्र के कुरौनी गांव में कुछ लोग बाइक के साइलेंसर से शोर मचाकर पटाखा बजा रहे थे. जब इस बात का विरोध किया गया, तो बात मारपीट तक पहुंच गई. इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और चार नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.
संशोधित साइलेंसर लगाने पर क्या है नियम और जुर्माना
लखनऊ में संशोधित साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ प्रशासन सख्त है. संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पांडे के मुताबिक, ऐसे उपकरण बेचने या लगाने वाले गैरेज संचालकों को एक साल की कैद या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. वहीं, वाहन मालिक पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
कोर्ट के निर्देश और प्रशासन का अभियान
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 2021 में ही ध्वनि प्रदूषण पर संज्ञान लिया था. कोर्ट ने कहा था कि 80 डेसिबल से ज्यादा शोर करने वाले वाहन लोगों की निजता के अधिकार का हनन करते हैं. इसी के तहत मई 2026 में लखनऊ में अभियान चलाकर 13 वाहन जब्त किए गए और 9 मोटरसाइकिलों का चालान किया गया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
संशोधित साइलेंसर लगाने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
नियमों के मुताबिक वाहन मालिक पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है, जबकि इसे बेचने या लगाने वाले दुकानदार को 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या एक साल की जेल हो सकती है.
साइलेंसर के शोर को लेकर कोर्ट का क्या निर्देश है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने निर्देश दिया है कि 80 डेसिबल की सीमा से अधिक शोर करने वाले दोपहिया वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए क्योंकि यह ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं.