UP: लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति अरूप बख्शी नाम का है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था और ‘बंगाली चांदसी क्लिनिक’ नाम से क्ली
UP: लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति अरूप बख्शी नाम का है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था और ‘बंगाली चांदसी क्लिनिक’ नाम से क्लीनिक चला रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि उसने फर्जी डिग्री के दम पर कई लोगों के ऑपरेशन भी किए थे।
अरूप बख्शी ने कैसे की पहचान छुपाने की कोशिश
बांग्लादेश के नरैल जिले का रहने वाला अरूप बख्शी साल 2012 में अवैध तरीके से भारत आया था। उसने खुद को हिंदू दिखाने के लिए माथे पर टीका लगाना और हाथ में कलावा बांधना शुरू किया। उसने अपने क्लिनिक में एक छोटा मंदिर भी बना रखा था ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने फर्जी तरीके से आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और यहां तक कि भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी क्या रही
बख्शी का तालाब पुलिस ने 20 मई 2026 की रात करीब 2:10 बजे उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड, एक ओप्पो मोबाइल और कुछ नकदी बरामद की है। जांच में पता चला कि उसने 2019 में बीकेटी के मामपुर बाना गांव में 800 वर्गफीट जमीन भी खरीदी थी।
पासपोर्ट और वेरिफिकेशन पर उठे सवाल
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस और पासपोर्ट विभाग की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। एक 18 पन्ने की गोपनीय रिपोर्ट के बाद यह पता चला कि आरोपी के सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसे ये फर्जी कागजात किसने बनवाकर दिए और उसका नेटवर्क कहां तक फैला है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरफ्तार आरोपी कौन है और वह कहां का रहने वाला है?
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम अरूप बख्शी है, जिसकी उम्र करीब 37 साल है। वह मूल रूप से बांग्लादेश के नरैल जिले के देवभोग क्षेत्र का निवासी है और 2012 में अवैध रूप से भारत आया था।
आरोपी लखनऊ में क्या काम कर रहा था और कहां रहता था?
वह बख्शी का तालाब इलाके के बरगदी स्थित अस्ती रेलवे क्रॉसिंग के पास ‘बंगाली चांदसी क्लिनिक’ चला रहा था और फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों के ऑपरेशन करता था।