UP : लखनऊ में 28 मई को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। शहर में नमाज़ और कुर्बानी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं धर्मगुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने और सरकारी नियमों का पाल
UP : लखनऊ में 28 मई को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। शहर में नमाज़ और कुर्बानी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं धर्मगुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने और सरकारी नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
नमाज़ का समय और प्रमुख मस्जिदें क्या हैं?
लखनऊ की बड़ी मस्जिदों में नमाज़ के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है। टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे, ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे और आसिफी मस्जिद में सुबह 11 बजे नमाज़ अदा की जाएगी। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर नमाज़ न पढ़ें और केवल मस्जिद परिसर के भीतर ही नमाज़ अदा करें।
योगी सरकार के सख्त निर्देश और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सड़कों को जाम न किया जाए और खुले सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न हो। सुरक्षा के लिए लखनऊ को ज़ोन और सेक्टरों में बांटा गया है, जहाँ 2000 से अधिक पुलिसकर्मी, PAC और SSB तैनात रहेंगे। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट रोकने के लिए आठ टीमें तैनात रहेंगी।
कुर्बानी और साफ-सफाई के लिए क्या गाइडलाइन है?
मौलाना खालिद रशीद ने 12-सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का खास ध्यान रखने और कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर न डालने की सलाह दी गई है। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि केवल वही कुर्बानी करें जो कानूनन मान्य हो। साथ ही, शाइस्ता अंबर ने कुर्बानी का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंद महिलाओं को देने पर जोर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बकरीद की नमाज़ कब और कहाँ होगी?
बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जाएगी। टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे, ऐशबाग ईदगाह में 10 बजे और आसिफी मस्जिद में 11 बजे नमाज़ अदा की जाएगी।
प्रशासन ने नमाज़ और कुर्बानी को लेकर क्या नियम बनाए हैं?
नमाज़ केवल मस्जिद परिसर के भीतर होगी, सड़कों पर अनुमति नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी प्रतिबंधित है और साफ-सफाई का उचित निस्तारण करना अनिवार्य है।