UP: लखनऊ के पशु बाजारों में इस बार बकरीद पर जबरदस्त रौनक रही। शहर के अलग-अलग बाजारों में करीब 450 करोड़ रुपये के जानवरों की बिक्री हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, लोगों ने लगभग 2 लाख बकरे और 1 लाख बड़े जानवरों की खरीदारी की।
UP: लखनऊ के पशु बाजारों में इस बार बकरीद पर जबरदस्त रौनक रही। शहर के अलग-अलग बाजारों में करीब 450 करोड़ रुपये के जानवरों की बिक्री हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, लोगों ने लगभग 2 लाख बकरे और 1 लाख बड़े जानवरों की खरीदारी की। प्रीमियम नस्ल के जानवरों के लिए लोग भारी कीमत चुकाने को तैयार दिखे, जिससे बाजार रातभर गुलजार रहा।
जानवरों की कीमत और बाजारों का हाल
लखनऊ के दुबग्गा, सीतापुर रोड, काकोरी, चिनहट, आईआईएम रोड और गौघाट जैसे बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ रही। इस बार गुजरात, राजस्थान, कश्मीर और आंध्र प्रदेश से खास नस्ल के जानवर मंगाए गए थे। प्रीमियम बकरों की डिमांड इतनी ज्यादा थी कि कुछ बकरे 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक में बिके। हालांकि, बढ़ती कीमतों की वजह से कई आम खरीदारों को अपना बजट बदलना पड़ा।
कुर्बानी को लेकर क्या हैं नियम और गाइडलाइंस
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने 12 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि केवल कानूनी तौर पर मान्य जानवरों जैसे बकरे, भेड़, भैंस और ऊंट की ही कुर्बानी करें। गाय की कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है और कानून के खिलाफ है। साथ ही, कुर्बानी के लिए सड़क, गली या सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल न करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नमाज केवल मस्जिद परिसर के अंदर ही अदा की जाए। सड़कों या खुले स्थानों पर नमाज और कुर्बानी की अनुमति नहीं है। सुरक्षा के लिए लखनऊ के संवेदनशील इलाकों और बाजारों में पुलिस और आरपीएफ ने फ्लैग मार्च किया है। पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है ताकि शांति बनी रहे और शरारती तत्वों पर नजर रखी जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बकरीद पर कितने जानवरों की बिक्री हुई?
लखनऊ के बाजारों में कुल ₹450 करोड़ की बिक्री हुई, जिसमें लगभग 2 लाख बकरे और 1 लाख बड़े जानवरों की खरीदारी की गई।
कुर्बानी के लिए प्रशासन और धार्मिक गुरुओं ने क्या निर्देश दिए हैं?
नमाज और कुर्बानी केवल निर्धारित परिसरों में ही करें, सार्वजनिक स्थानों या सड़कों का उपयोग न करें। साथ ही, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करें और सोशल मीडिया पर कुर्बानी के वीडियो अपलोड न करें।