UP : राजधानी Lucknow में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार 28 मई 2026 को मनाया जाएगा। चाँद न दिखने की वजह से तारीख में बदलाव हुआ है, जिसके कारण अब यूपी सरकार और केंद्र सरकार के दफ्तरों में 28 मई को छुट्टी रहेगी। पुराने लख
UP : राजधानी Lucknow में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार 28 मई 2026 को मनाया जाएगा। चाँद न दिखने की वजह से तारीख में बदलाव हुआ है, जिसके कारण अब यूपी सरकार और केंद्र सरकार के दफ्तरों में 28 मई को छुट्टी रहेगी। पुराने लखनऊ के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग तैयारियों में जुटे हैं।
नमाज और भीड़ को लेकर क्या हैं नियम?
प्रशासन और धार्मिक नेताओं ने अपील की है कि नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाए। सड़कों, गलियों या किसी भी सार्वजनिक जगह पर नमाज पढ़ना मना है ताकि ट्रैफिक में दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर कोई नई परंपरा शुरू नहीं होगी। भीड़ को देखते हुए कुछ जगहों पर शिफ्ट में नमाज पढ़ने का सुझाव भी दिया गया है। Lucknow Police ने ऐशबाग ईदगाह के पास ट्रैफिक रूट बदल दिए हैं।
कुर्बानी के लिए क्या गाइडलाइन्स जारी हुई हैं?
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने कुर्बानी के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- कुर्बानी खुले मैदानों या सार्वजनिक जगहों पर न करें।
- जानवरों के खून को नालियों में न बहाकर जमीन में दबाएं।
- कचरा और अवशेष नगर निगम के डस्टबिन में ही डालें।
- कुर्बानी के लिए कम से कम एक साल के स्वस्थ जानवर का ही चुनाव करें।
- मांस का एक तिहाई हिस्सा जरूरतमंदों में बांटना जरूरी है।
प्रशासन और धार्मिक नेताओं की भूमिका
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौलाना कलबे जवाद और मौलाना सैफ अब्बास नकवी जैसे नेताओं ने भी अपील की है। दरगाह शाहमीना शाह की पीस कमेटी ने भी नमाज को मस्जिद परिसर तक सीमित रखने को कहा है। लखनऊ नगर निगम और पुलिस प्रशासन ट्रैफिक मैनेजमेंट और सफाई व्यवस्था पर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को त्योहार मनाने में कोई परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बकरीद की तारीख क्या है और छुट्टी कब है?
लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में बकरीद 28 मई 2026 को मनाई जाएगी। चाँद न दिखने के कारण सरकारी छुट्टी को 27 मई से बदलकर 28 मई कर दिया गया है।
क्या सड़कों पर नमाज पढ़ी जा सकती है?
नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय प्रशासन ने सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह रोक लगाई है। नमाज केवल मस्जिद और ईदगाह में ही अदा की जाएगी।