Lucknow के बाबू बनारसी दास वार्ड में बदहाली, जर्जर हो चुकी है 12 मंजिला विकास दीप बिल्डिंग
Lucknow: राजधानी के बाबू बनारसी दास वार्ड के लोग इन दिनों कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विधानसभा से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस इलाके में गंदे पानी की सप्लाई, सड़कों पर खुलेआम शराब की बिक्री और जर्जर हो चुकी सरका
Lucknow: राजधानी के बाबू बनारसी दास वार्ड के लोग इन दिनों कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विधानसभा से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस इलाके में गंदे पानी की सप्लाई, सड़कों पर खुलेआम शराब की बिक्री और जर्जर हो चुकी सरकारी इमारतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर हुसैनगंज सड़क, जिसे शहर की ट्रैफिक बैकबोन माना जाता है, वहां हालात काफी खराब हैं।
सबसे गंभीर स्थिति विकास दीप कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की है। यह 12 मंजिला इमारत है जिसमें 10 अलग-अलग विभाग चलते हैं। LDA ने इस पुरानी और जर्जर बिल्डिंग को उत्तर प्रदेश अर्बन रीडेवलपमेंट पॉलिसी-2026 के तहत दोबारा बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक की है। हालांकि, इस पुनर्विकास के लिए कम से कम 60 प्रतिशत आवंटियों की सहमति जरूरी होगी। बता दें कि अप्रैल 2025 में बालकनी गिरने से एक व्यक्ति की मौत के बाद इस बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का फैसला लिया गया था।
पानी की समस्या को लेकर भी लोग परेशान हैं। हुसैनगंज और बाबू बनारसी दास वार्ड के करीब 300 घरों में मटमैला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। जलकल विभाग के जनरल मैनेजर कुलदीप सिंह के मुताबिक, पुरानी पाइपलाइनों के टूटने से उनमें सीवेज का पानी मिल रहा है। विभाग का कहना है कि पाइपलाइनों को बदलने और मरम्मत का काम चल रहा है।
इतना ही नहीं, इलाके में शराब की खुलेआम बिक्री और सार्वजनिक जगहों पर पीने की समस्या भी बढ़ गई है। मार्च और जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, शराब दुकानों के पास सड़कों पर लोग शराब पीते नजर आते हैं। हालांकि जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने पहले ही सख्त निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर जुर्माना और जेल की कार्रवाई की जाए, लेकिन इसके बावजूद समस्या बनी हुई है।