UP: लखनऊ में पिछले कुछ दिनों में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सामने आई हैं। तीन दिन के भीतर हुई वारदातों ने शहर में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशा
UP: लखनऊ में पिछले कुछ दिनों में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सामने आई हैं। तीन दिन के भीतर हुई वारदातों ने शहर में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इन चालकों के सत्यापन और वाहनों की निगरानी के लिए सख्त कदम उठा रहा है।
हाल ही में लखनऊ में क्या घटनाएं हुईं?
9 जून 2026 को पारा थाना क्षेत्र में हसीब नाम के एक ऑटो चालक ने दो महिला छात्रों के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की और विरोध करने पर मारपीट की। पुलिस मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। वहीं 10 जून को नाका थाने में एक ई-रिक्शा में महिला यात्री को नशीला पदार्थ सुंघाकर चेन छीनने का मामला दर्ज हुआ। इसके अलावा तालकटोरा इलाके में एक ई-रिक्शा चालक के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है।
सुरक्षा के लिए सरकार और पुलिस ने क्या नियम बनाए हैं?
महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी, ओला और उबर चालकों के लिए वाहन पर अपना नाम, आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया है। लखनऊ पुलिस ने 29 जुलाई 2025 को ‘प्रोजेक्ट सेफ राइड’ शुरू किया था। इसके तहत सभी चालकों का सत्यापन किया जा रहा है और उन्हें एक यूनिक QR कोड दिया जा रहा है, जिसे वाहन पर चिपकाना जरूरी है।
बिना सत्यापन वाले वाहनों पर क्या होगी कार्रवाई?
लखनऊ पुलिस के अनुसार, चालकों को lucknowpolice.up.gov.in/erickshaw पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 1 सितंबर 2025 से बिना सत्यापन वाले वाहनों को शहर में चलने की अनुमति नहीं मिलेगी। आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि वाहन पर ड्राइवर की जानकारी होने से महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी और जरूरत पड़ने पर यह जानकारी अपने परिवार को भेज सकेंगी। साथ ही सरकार ने ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत महिला ई-रिक्शा चालकों की तैनाती भी शुरू की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोजेक्ट सेफ राइड क्या है और यह कैसे काम करता है?
यह लखनऊ पुलिस की एक पहल है जिसके तहत ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के बाद वाहन पर एक QR कोड लगाया जाता है, जिससे यात्री चालक की पहचान और फोटो की पुष्टि कर सकते हैं।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए अब क्या अनिवार्य है?
अब सभी चालकों को अपने वाहन पर अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखना अनिवार्य है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।