Lucknow में असिस्टेंट प्रोफेसर ने हाथ की नस काटकर किया सुसाइड Attempt, पुलिस ने बचाई जान

Lucknow: जानकीपुरम विस्तार में एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पारिवारिक विवाद और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की कोशिश की। प्रोफेसर ने अपने मोबाइल पर सुसाइड स्टेटस लगाया और ब्लेड से अपने बाए

Lucknow: जानकीपुरम विस्तार में एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पारिवारिक विवाद और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की कोशिश की। प्रोफेसर ने अपने मोबाइल पर सुसाइड स्टेटस लगाया और ब्लेड से अपने बाएं हाथ की नस काट ली। समय रहते पुलिस और सहकर्मी की सजगता से उनकी जान बच गई है।

घटना 18 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12:15 बजे की है। डॉ. संजय खोलिया (36), जो मूल रूप से जयपुर के रहने वाले हैं और इटौंजा के RGS आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, उन्होंने यह कदम उठाया। कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. मिश्रा ने जब प्रोफेसर का सुसाइड स्टेटस देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। यूपी 112 पर कॉल मिलने के बाद पीआरवी 7100 के कांस्टेबल नवीन कुमार और होमगार्ड वीरेंद्र यादव महज 10 मिनट में उनके घर पहुंचे और खून से लथपथ डॉ. संजय को अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस को मौके से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें डॉ. संजय ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उनकी शादी तीन साल पहले हुई थी, लेकिन 9 नवंबर 2024 को बच्चे के जन्म के बाद उनकी पत्नी मायके चली गई। प्रोफेसर का आरोप है कि जब भी वह अपने बच्चे से मिलने ससुराल जाते, तो उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया जाता था और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी।

सुसाइड नोट में यह भी जिक्र है कि ससुराल वालों ने पहले भी मारपीट का झूठा मामला दर्ज कराकर उन्हें थाने में बंद करवाया था, जिसके बाद पुलिस ने छह महीने तक बच्चे से न मिलने की पाबंदी लगाकर उन्हें छोड़ा था। डॉ. संजय ने नोट में लिखा कि वह इस मानसिक प्रताड़ना से बहुत दुखी हैं और अब उनके जीने की इच्छा खत्म हो गई है। फिलहाल उन्हें KGMU के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।