Lucknow में दरोगा पर बीएड छात्रा का गंभीर आरोप, शादी का झांसा देकर किया यौन शोषण, SSI सस्पेंड
Lucknow: राजधानी के आशियाना थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SSI) पर एक बीएड छात्रा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि दरोगा ने केस की जांच के नाम पर उसे फंसाया और शादी का वादा करके उसका यौन शोषण किया। पुल
Lucknow: राजधानी के आशियाना थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SSI) पर एक बीएड छात्रा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि दरोगा ने केस की जांच के नाम पर उसे फंसाया और शादी का वादा करके उसका यौन शोषण किया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है और उसे जेल भेज दिया गया है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पीड़िता का एक पुराना केस बस्ती जिले के छावनी थाने से जीरो एफआईआर के तहत 20 फरवरी 2026 को लखनऊ के आशियाना थाने में आया। इस केस की जांच की जिम्मेदारी SSI धर्मवीर शाही को दी गई थी। छात्रा का आरोप है कि 21 फरवरी को जब वह बयान दर्ज कराने थाने पहुंची, तो दरोगा ने उसे डराया कि पुरानी मेडिकल रिपोर्ट से मामला साबित नहीं होगा। उसने जांच में मदद के बहाने छात्रा को दोबारा शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
पीड़िता के अनुसार, दरोगा ने उसे शादी का भरोसा दिलाया और मार्च से जुलाई 2026 के बीच कई बार थाने और किला चौराहे के पास एक कमरे में बुलाकर उसका शोषण किया। जून 2026 में जब पीड़िता आरोपी के साथ वाराणसी गई, तो वहां उसे पता चला कि धर्मवीर शाही पहले से शादीशुदा है। जब छात्रा ने इस बारे में सवाल किए और शादी का दबाव बनाया, तो दरोगा का व्यवहार बदल गया और वह बहाने बनाने लगा।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने दूरी बनानी शुरू की, तो दरोगा ने उसे आशियाना इलाके में बुलाकर मारपीट की। आरोपी ने उसे झूठे केस में फंसाने और उसकी निजी सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। 30 जुलाई 2026 की रात को दरोगा और उसके एक साथी ने छात्रा को जबरन कार में बैठाकर उसके साथ मारपीट की और उसका मोबाइल छीन लिया।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने पुष्टि की है कि आरोपी SSI धर्मवीर शाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी हिरासत में है और उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच एसीपी कैंट को सौंपी गई है, जो डिजिटल सबूतों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।