Lucknow में वेंडिंग जोन निर्माण पर बवाल, आशियाना के लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
Lucknow: आशियाना इलाके के गौतम बुद्ध पार्क के पास फुटपाथ पर बन रहे वेंडिंग जोन को लेकर रविवार को भारी हंगामा हुआ। स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं
Lucknow: आशियाना इलाके के गौतम बुद्ध पार्क के पास फुटपाथ पर बन रहे वेंडिंग जोन को लेकर रविवार को भारी हंगामा हुआ। स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं दूसरी तरफ, कुछ लोग इस प्रोजेक्ट के समर्थन में उतरे और हस्ताक्षर अभियान चलाया।
नगर निगम करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से यहाँ 60 से ज्यादा दुकानों के लिए एक मॉडल वेंडिंग जोन बना रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसे अस्थायी बताया गया था, लेकिन असल में यहाँ सीमेंट, सरिया और पिलर लगाकर पक्का निर्माण किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि फुटपाथ पर स्थायी दुकानें बनने से रास्ता बंद हो जाएगा, जिससे स्कूल और अस्पताल जाने वाले मरीजों और बच्चों को भारी परेशानी होगी और इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाएगी।
विवाद इस बात को लेकर भी है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने करीब 16 जून 2026 को ही नगर निगम को पत्र लिखकर यह काम रोकने को कहा था, फिर भी निर्माण जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस निर्माण को तुरंत हटाकर बुलडोजर चलाया जाए। कुछ निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि फुटपाथ पर चलना जनता का मौलिक अधिकार है और यह निर्माण नियमों के खिलाफ है। इससे पहले 24 जून को स्थानीय लोगों ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को भी ज्ञापन सौंपकर इस जोन को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी।
वहीं इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया। भाजपा समर्थकों और वेंडिंग जोन के समर्थकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। उनका दावा है कि विरोध करने वाले वही लोग हैं जो पहले पटरी दुकानदारों से अवैध वसूली करते थे। उन्होंने कहा कि इस स्थायी जोन से दुकानदारों को एक सुरक्षित और नियमित जगह मिलेगी। स्थानीय पार्षद ने भी इन आरोपों को गलत बताया है।
तनाव बढ़ता देख नगर निगम के जोनल अधिकारी विकास सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया कि फिलहाल वेंडिंग जोन का काम नहीं होगा और उनकी मांगों की समीक्षा सोमवार, 29 जून 2026 को की जाएगी। इस आश्वासन के बाद देर रात लोगों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया। निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं निकला तो वे कोर्ट जाएंगे।