UP : लखनऊ के अमौसी गांव और चाकोलिया टोला के लोग पिछले दो साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इलाके का मुख्य मार्ग लगातार पानी से भरा रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। गंदे पानी क
UP : लखनऊ के अमौसी गांव और चाकोलिया टोला के लोग पिछले दो साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इलाके का मुख्य मार्ग लगातार पानी से भरा रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। गंदे पानी के जमा होने से अब यहां डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है।
नगर निगम की अनदेखी और लोगों की नाराजगी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम और अपने जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दिसंबर 2025 में अमौसी मस्जिद रोड के पास भी भारी जलभराव हुआ था, जिससे लोग अपने घरों में कैद हो गए थे। लोगों का कहना है कि नालों की सफाई ठीक से नहीं होती और अवैध कब्जों की वजह से पानी की निकासी रुक गई है।
अधिकारियों के निर्देश और काम की स्थिति
दिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने 1 मई 2026 को एक बैठक में अमौसी, सरोजिनी नगर और बनथरा में जलभराव को जून 2026 तक खत्म करने का आदेश दिया था। जल निगम ने बताया कि अमौसी और सरोजिनी नगर में सीवर और STP का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। हालांकि, बाकी काम सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे कमिश्नर ने जून 2026 तक ही खत्म करने को कहा था।
बीमारियों का खतरा और प्रशासन की तैयारी
लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वे करने और फॉगिंग करने का काम कर रही हैं। जून के पहले हफ्ते में भारी बारिश की चेतावनी के बाद स्थिति और खराब होने की आशंका है। प्रशासन की समय सीमा बीतने के बावजूद अमौसी के लोगों को अब भी राहत नहीं मिली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमौसी गांव में जलभराव की समस्या कब से है?
अमौसी गांव और चाकोलिया टोला में पिछले दो साल से जलभराव की समस्या है, जिससे मुख्य मार्ग जलमग्न रहता है।
प्रशासन ने जलभराव खत्म करने की क्या समय सीमा तय की थी?
दिविजनल कमिश्नर ने अधिकारियों को अमौसी और सरोजिनी नगर में जलभराव की समस्या को जून 2026 तक पूरी तरह हल करने का निर्देश दिया था।