UP: लखनऊ के 10 विधानसभा मार्ग स्थित अंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थिकलश, बुद्ध विहार और बोधिवृक्ष को सुरक्षित रखने की मांग तेज हो गई है। दलित समाज और विभिन्न संस्थाएं इसे अपनी आस्था का केंद
UP: लखनऊ के 10 विधानसभा मार्ग स्थित अंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थिकलश, बुद्ध विहार और बोधिवृक्ष को सुरक्षित रखने की मांग तेज हो गई है। दलित समाज और विभिन्न संस्थाएं इसे अपनी आस्था का केंद्र मानती हैं और इसे किसी भी हाल में यहां से हटाने का विरोध कर रही हैं। इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया है।
क्यों हो रहा है अस्थिकलश और प्रतिमा के स्थानांतरण का विरोध
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है कि बाबा साहेब के अस्थिकलश और प्रतिमा को ऐशबाग में बन रहे ‘भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र’ में शिफ्ट किया जाए। इस नए केंद्र का काम 2021 में शुरू हुआ था और करीब 81 करोड़ रुपये की लागत से इसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। सरकार का कहना है कि सविता अंबेडकर ने भी एक भव्य स्मारक की इच्छा जताई थी। लेकिन विरोध करने वालों का कहना है कि वर्तमान स्थल करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है और इसे हटाना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा।
विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलन की चेतावनी
पिछले कुछ दिनों में लखनऊ में कई बड़े प्रदर्शन हुए हैं। 9 जून को ‘दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया’ ने एक पैदल मार्च निकाला, जिसमें डॉ. अंबेडकर के पौत्र भीमराव यशवंत राव अंबेडकर भी शामिल हुए। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल एक स्मारक नहीं बल्कि एक समाधि स्थल है और इसके साथ छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी तरह डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ ने ‘जन संकल्प’ कार्यक्रम आयोजित कर इसे बचाने का संकल्प लिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन पूरे देश में फैल सकता है।
कौन-कौन सी संस्थाएं और नेता इस मांग से जुड़े हैं
इस मामले में मिशन महाबोधि महाविहार बुद्ध गया कमेटी ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है। विरोध प्रदर्शनों में केवल सामाजिक संस्थाएं ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। सभी का एक ही तर्क है कि वर्तमान स्थल को ही राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र और विश्व धरोहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सरकार अस्थिकलश को कहां स्थानांतरित करना चाहती है?
सरकार इसे लखनऊ के ऐशबाग में बन रहे ‘भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र’ में शिफ्ट करना चाहती है, जिसका बजट 81 करोड़ रुपये है।
विरोध करने वालों का मुख्य तर्क क्या है?
विरोधियों का कहना है कि वर्तमान स्थल करोड़ों अनुयायियों की आस्था और सामाजिक चेतना का केंद्र है, इसलिए इसे हटाना अन्याय होगा।