Lucknow के अलीगंज में अवैध निर्माण का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी टीन की चादरों के पीछे बन रहे कॉम्प्लेक्स

Lucknow: अलीगंज इलाके में रिहायशी मकानों को तोड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैरानी की बात यह है कि 22 जून को यहां एक अवैध इमारत में भीषण आग लगी थी जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इस

Lucknow: अलीगंज इलाके में रिहायशी मकानों को तोड़कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैरानी की बात यह है कि 22 जून को यहां एक अवैध इमारत में भीषण आग लगी थी जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी, फिर भी लोग चोरी-छिपे निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं। कई जगहों पर टीन की चादरें लगाकर अंदर ही अंदर अवैध निर्माण किया जा रहा है।

LDA जोनल ऑफिसर Atul Krishna Singh ने बताया कि अलीगंज में जहां भी मकान तोड़कर कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं, उनकी मौके पर जांच की जाएगी। अगर निर्माण स्वीकृत नक्शे के हिसाब से नहीं पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि इन बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग की कोई जगह नहीं छोड़ी जा रही है, जिससे आने वाले समय में ट्रैफिक और जाम की समस्या बढ़ेगी। रामराम बैंक चौराहे के पास भी कुछ ऐसे ही अवैध निर्माण चल रहे हैं।

इससे पहले ध्येय IAS कोचिंग के पास एक रेस्टोरेंट और एक फर्नीचर शोरूम को LDA ने सील किया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें कुछ शर्तों पर दोबारा खोल दिया गया। वहीं सेंट्रल बिल्डिंग चौराहे के पास एक तीन मंजिला इमारत का बेसमेंट, जिसमें जिम, बैंक और रेस्टोरेंट चल रहे हैं, उसे भी एक महीने पहले सील किया गया था। बाद में इसे शमन मानचित्र (compounding map) पास कराने की शर्त पर फिर से खोल दिया गया।

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब तकनीक का सहारा लिया है। 10 अगस्त को सरकार ने फैसला किया कि अब सैटेलाइट इमेज और AI-आधारित जियो-पोर्टल के जरिए अवैध निर्माणों की पहचान की जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस बिल्डिंग ने नक्शे का उल्लंघन किया है।

बता दें कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद LDA ने अलीगंज के अलग-अलग सेक्टरों में 51 अवैध कमर्शियल निर्माणों की पहचान की है, जिन्हें तोड़ने की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जून की आग की घटना की जांच के लिए SIT भी गठित की थी।