Lucknow के अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग 5 दिन बाद होगी जमींदोज़, पुलिस की मौजूदगी में खाली कराई जा रही इमारत

Lucknow: अलीगंज में भीषण आग लगने वाली इमारत को अब गिराने की तैयारी पूरी हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जो 15 दिन का समय दिया था, उसकी मोहलत अब खत्म होने वाली है। सिर्फ 5 दिन

Lucknow: अलीगंज में भीषण आग लगने वाली इमारत को अब गिराने की तैयारी पूरी हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जो 15 दिन का समय दिया था, उसकी मोहलत अब खत्म होने वाली है। सिर्फ 5 दिन बाद इस इमारत पर बुलडोजर चल सकता है, जिसके डर से मालिक अब आनन-फानन में सामान खाली कर रहे हैं।

सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इमारत से बचा हुआ सामान निकाला गया। ग्राउंड फ्लोर पर चल रही पेट शॉप को भी पूरी तरह खाली करा लिया गया है। LDA ने 10 जुलाई 2026 को प्लॉट नंबर 102, सेक्टर डी, जोन-4 स्थित इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी किया था। यह कार्रवाई यूपी नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत की जा रही है।

इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला को खुद निर्माण हटाने का समय दिया गया था, लेकिन ऐसा न होने पर अब LDA 25 जुलाई 2026 के आसपास इसे ध्वस्त कर देगा। इस पूरी कार्रवाई का खर्च भी भवन मालिकों से ही वसूला जाएगा।

दूसरी तरफ, कानूनी मोर्चे पर भी मालिकों को झटका लगा है। लखनऊ सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश मलखान सिंह ने सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने पुलिस को यह निर्देश दिया है कि अगर नगर निगम, LDA और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनकी भूमिका की भी जांच की जाए।

LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया कि इस बिल्डिंग का नक्शा सिर्फ रहने के लिए मंजूर हुआ था, लेकिन यहां कोचिंग संस्थान और दुकानें चलाई जा रही थीं। यह निर्माण स्वीकृत लेआउट के खिलाफ था। गौर करने वाली बात यह है कि इस इमारत के खिलाफ 2016 में भी ध्वस्तीकरण का आदेश आया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।