Lucknow में अलीगंज अग्निकांड की बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, LDA ने जारी किया ध्वस्तीकरण का आदेश
UP/Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त कदम उठाया है। 22 जून 2026 को लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद अब उस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी कर द
UP/Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त कदम उठाया है। 22 जून 2026 को लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद अब उस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया है। LDA ने भवन मालिक को 15 दिनों का समय दिया है कि वह खुद इस अवैध निर्माण को हटा ले।
यह फैसला LDA की विहित प्राधिकारी कोर्ट द्वारा 10 जुलाई 2026 को सुनाया गया। कोर्ट ने तीन दिनों तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। जांच में पता चला कि बिल्डिंग का नक्शा सिर्फ रहने के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां कोचिंग सेंटर चलाकर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही, बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट बना दी गई थी और बिजली का लोड भी तय सीमा से कहीं ज्यादा था।
निर्माण में भारी गड़बड़ियां पाई गईं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | स्वीकृत (Approved) | वास्तविक (Actual) |
|---|---|---|
| मंजिल | बेसमेंट सहित 2 मंजिल | तीसरा तल भी निर्मित |
| बेसमेंट क्षेत्र | 20 मीटर | 134 मीटर |
| उपयोग | आवासीय (Residential) | व्यावसायिक (Coaching Center) |
| सुरक्षा | फायर सेफ्टी मानक | मानकों का अभाव/लिफ्ट का निर्माण |
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि बिल्डिंग पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जाएगा। अगर तय समय में मालिक ने इसे नहीं गिराया, तो LDA खुद इसे ध्वस्त करेगा और उसका पूरा खर्च मालिक से वसूला जाएगा। इस मामले में भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला को दोषी माना गया है, जिनमें से वीरेंद्र शुक्ला फिलहाल जेल में हैं।
सुनवाई के दौरान मालिकों के वकीलों ने निर्माण को नियमित करने और नई नीति के तहत कंपाउंडिंग की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। LDA की टीम ने मौके पर जाकर नोटिस चस्पा कर दिया है। हालांकि, भवन मालिकों के पास अब कमिश्नर कोर्ट या हाई कोर्ट में अपील करने का रास्ता खुला है।