Lucknow में 15 बच्चों की मौत वाला हादसा, अलीगंज की अवैध इमारत को गिराने का काम शुरू
Lucknow: अलीगंज सेक्टर-डी में हुए उस दर्दनाक अग्निकांड की यादें अभी ताज़ा ही थीं कि अब उस इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है. 22 जून को हुई इस भीषण आग में 15 बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद यह पूरी बिल्डिंग चर्
Lucknow: अलीगंज सेक्टर-डी में हुए उस दर्दनाक अग्निकांड की यादें अभी ताज़ा ही थीं कि अब उस इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है. 22 जून को हुई इस भीषण आग में 15 बच्चों की जान चली गई थी, जिसके बाद यह पूरी बिल्डिंग चर्चा में आ गई थी. अब भवन मालिक खुद इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करा रहे हैं, जबकि LDA की टीम पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रही है.
इस मामले में LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि भूखंड संख्या-एमएस-102 पर वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक भवन बनाया था. जांच में पता चला कि बिल्डिंग स्वीकृत नक्शे के हिसाब से नहीं थी. सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि जहां फायर एग्जिट होना चाहिए था, वहां लिफ्ट लगा दी गई थी. साथ ही, बिजली की क्षमता से ज्यादा लोड लिया गया था और आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे.
कानूनी कार्रवाई की बात करें तो 10 जुलाई को न्यायालय ने इस निर्माण को अवैध मानते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था. LDA ने मालिकों को 25 जुलाई तक का समय दिया था, लेकिन उनसे पहले ही 20 जुलाई से ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिल्डिंग को एक साथ गिराने के बजाय ड्रिल मशीनों से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है. धूल और मलबे से आसपास के लोगों को परेशानी न हो, इसलिए पूरी इमारत को हरे रंग की जालीदार नेट से ढका गया है.
इस हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस ने भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, राम कृष्ण उपाध्याय और एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है. वीरेंद्र शुक्ला फिलहाल जेल में हैं. राज्य सरकार ने इस लापरवाही के चलते चार अधिकारियों को सस्पेंड भी किया है. LDA के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर निर्देश दिए हैं कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए. अगर 25 जुलाई तक काम पूरा नहीं हुआ, तो LDA खुद इसे गिराकर खर्च मालिकों से वसूलेगा.