Lucknow: अलीगंज अग्निकांड के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज, 15 लोगों की मौत वाले मामले में जिला जज का सख्त फैसला

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के आरोपी सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जिला जज मलखान सिंह ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस दर्दन

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के आरोपी सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला को अदालत से बड़ा झटका लगा है। जिला जज मलखान सिंह ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पर बिना किसी कानूनी मंजूरी और फायर सेफ्टी नियमों के बिना बिल्डिंग चलाने का आरोप है। कोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता और आरोपी की भूमिका को देखते हुए जमानत देना सही नहीं होगा। साथ ही, जज ने जांच अधिकारी को निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर जांच में नगर निगम, LDA या फायर ब्रिगेड के किसी भी अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है, तो उन्हें भी इस केस में आरोपी बनाया जाए। इस पूरी जांच की निगरानी अब पुलिस कमिश्नर करेंगे।

यह पूरा हादसा 22 जून 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ था। जांच में पता चला कि जिस भवन में यह हादसा हुआ, वह केवल रहने के लिए स्वीकृत था, लेकिन वहां बिना अनुमति के व्यावसायिक काम चलाया जा रहा था। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 10 जुलाई 2026 को ही इस अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दे दिया था। LDA ने मालिक को 15 दिन का समय दिया था, जिसके बाद 25 जुलाई 2026 को इस बिल्डिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में SIT की जांच के बाद एक बड़ी लिस्ट तैयार की गई है, जिसमें LDA के 18 IAS और PCS अधिकारियों सहित 52 जूनियर इंजीनियर और कई अन्य बड़े अफसर शामिल हैं। इन सभी पर लापरवाही के आरोप हैं। फिलहाल, अवैध कॉम्प्लेक्स से सामान हटाने का काम शुरू हो गया है और पुलिस प्रशासन मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है।