Lucknow के आलमबाग में बिजली संकट, फॉल्ट की वजह से कई इलाकों में अंधेरा, व्यापारियों में गुस्सा
Lucknow: राजधानी के आलमबाग इलाके में बिजली की भारी किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तकनीकी खराबी की वजह से कई इलाकों की बिजली गुल है, जिससे आम जनता और कारोबारी दोनों परेशान हैं। आलमबाग के नटखेरा रोड और आसपास के
Lucknow: राजधानी के आलमबाग इलाके में बिजली की भारी किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तकनीकी खराबी की वजह से कई इलाकों की बिजली गुल है, जिससे आम जनता और कारोबारी दोनों परेशान हैं। आलमबाग के नटखेरा रोड और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति काफी खराब है, जहां कई दिनों से बिजली की आवाजाही अनियमित बनी हुई है।
नटखेरा रोड के व्यापारियों का कहना है कि पिछले तीन से चार दिनों से बिजली की कटौती हो रही है, जिससे उनके बिजनेस पर बुरा असर पड़ा है। यंग ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने बताया कि विभाग को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। 6 जुलाई की रात तक भी कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो पाई थी, जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी फॉल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में जुटे रहे।
बिजली संकट का असर केवल आलमबाग तक सीमित नहीं रहा। लखनऊ के ऐशबाग सबस्टेशन पर भी नाराज उपभोक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां एक 10 MVA का पावर ट्रांसफार्मर पिछले बुधवार की रात से खराब है, जिसकी वजह से राम नगर, भादेवा, शास्त्री नगर, धोबी घाट और सुदर्शनपुरी कॉलोनी जैसे इलाकों में रोटेशनल कटौती की जा रही है। हालात इतने बिगड़ गए कि करीब 100 लोगों ने ऐशबाग पावर हाउस में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा GPRA सबस्टेशन के मिश्रीपुर फीडर में खराबी के कारण भी करीब पांच घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लखनऊ में मई से जुलाई के बीच बिजली की यह समस्या बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण बढ़ता तापमान, ओवरलोड ट्रांसफार्मर और तकनीकी खामियां बताई जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, LESA में हुए पुनर्गठन और ‘वर्टिकल सिस्टम’ लागू होने के बाद करीब 300 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर हटा दिए गए या किनारे कर दिए गए। मैनपावर की इस कमी की वजह से फॉल्ट ठीक करने में देरी हो रही है। हालांकि, MVVNL ने स्थिति को संभालने के लिए 33/11 KV सबस्टेशनों पर सीनियर अधिकारियों की तैनाती की है और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और स्पेशल मॉनिटरिंग टीम बनाई है।