UP: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली जाने वाली एक Indigo फ्लाइट में बम होने की धमकी मिली। विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर पर ‘बम’ लिखा हुआ पाया ग
UP: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली जाने वाली एक Indigo फ्लाइट में बम होने की धमकी मिली। विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर पर ‘बम’ लिखा हुआ पाया गया, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर उड़ान को रनवे पर ही रोक दिया गया। इस घटना से हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई कार्रवाई
यह घटना 12 जून 2026 की है। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट सुबह 10:45 बजे रवाना होनी थी। विमान में करीब 180 यात्री सवार थे। जैसे ही क्रू को शौचालय में टिश्यू पेपर पर लिखी धमकी मिली, विमान को तुरंत रोक दिया गया। इसके बाद CISF, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और खोजी कुत्तों की टीम ने पूरे विमान की गहन तलाशी ली। जांच के बाद पता चला कि यह सिर्फ एक अफवाह थी और विमान में कोई खतरनाक सामान नहीं था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और यात्रियों की स्थिति
बम की धमकी मिलते ही हवाई अड्डे पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और यात्रियों के सामान की पूरी जांच की। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद भी उड़ान ने तुरंत टेकऑफ नहीं किया और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गईं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
हवाई यात्रा में इस तरह की फर्जी धमकियां अब आम होती जा रही हैं। जनवरी 2026 में भी दिल्ली से बागडोगरा जाने वाली एक फ्लाइट को इसी तरह टिश्यू पेपर पर लिखी धमकी के कारण लखनऊ में रोकना पड़ा था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से जुलाई 2025 के बीच भारतीय एयरलाइंस को 881 ऐसी फर्जी धमकियां मिलीं, जिससे समय और संसाधनों की काफी बर्बादी हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या विमान में कोई बम मिला था?
नहीं, सुरक्षा एजेंसियों और बम निरोधक दस्ते की गहन जांच के बाद यह पाया गया कि धमकी फर्जी थी और विमान में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला था।
इस घटना में कितने यात्री प्रभावित हुए?
लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इस इंडिगो उड़ान में लगभग 180 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षा जांच के कारण रनवे पर ही रुकना पड़ा।