UP : लखनऊ में आयुर्वेद के इलाज को और ज्यादा भरोसेमंद और वैज्ञानिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (CIMAP) ने हाथ मिलाया है। शुक
UP : लखनऊ में आयुर्वेद के इलाज को और ज्यादा भरोसेमंद और वैज्ञानिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (CIMAP) ने हाथ मिलाया है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को CIMAP परिसर में एक अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों संस्थाओं के बीच आपसी सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार करने पर चर्चा की गई।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मकसद आयुर्वेदिक दवाओं और इलाज को वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित करना है। बैठक में AIIA के निदेशक प्रो. वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति और CIMAP के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी समेत कई बड़े वैज्ञानिक मौजूद थे। अब आयुर्वेदिक उत्पादों का वैज्ञानिक प्रमाणीकरण होगा और उनके क्लिनिकल परीक्षण के लिए एक सही ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
किन बीमारियों पर होगा विशेष शोध?
दोनों संस्थान मिलकर कुछ खास बीमारियों के इलाज पर रिसर्च करेंगे। इसमें मुख्य रूप से फैटी लिवर, गट-लिवर रोग और रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, औषधीय पौधों को बचाने, छात्रों के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम चलाने और आयुर्वेदिक दवाओं की क्वालिटी के मानक तय करने पर भी काम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
AIIA और CIMAP के बीच बैठक कब और कहाँ हुई?
यह महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार, 22 मई 2026 को लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (CIMAP) के परिसर में आयोजित की गई थी।
इस रिसर्च से किन बीमारियों के मरीजों को फायदा होगा?
इस संयुक्त शोध के तहत मुख्य रूप से रूमेटॉइड आर्थराइटिस, फैटी लिवर और गट-लिवर जैसी बीमारियों के आयुर्वेदिक इलाज को वैज्ञानिक आधार दिया जाएगा।