UP : लखनऊ के कैसरबाग सिविल कोर्ट के बाहर रविवार को नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हुआ। अवैध चैंबरों को हटाने के दौरान पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रदेश
UP : लखनऊ के कैसरबाग सिविल कोर्ट के बाहर रविवार को नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हुआ। अवैध चैंबरों को हटाने के दौरान पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में गुस्सा है और लखनऊ समेत 25 जिलों में कार्य बहिष्कार किया जा रहा है।
लाठीचार्ज और चैंबर तोड़ने की पूरी घटना क्या है
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 7 मई को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर 16 मई तक जगह खाली करने को कहा था। रविवार 17 मई को जब प्रशासन चैंबर तोड़ने पहुंचा, तो वकीलों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। वकीलों का आरोप है कि कोर्ट ने 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 से 350 चैंबर ध्वस्त कर दिए। इस झड़प में 4 वकील और एक सिपाही घायल हुए हैं, जिसमें महिला वकील रानी रावत का हाथ फ्रैक्चर हो गया है।
प्रशासन और पुलिस का क्या कहना है
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था और सभी को पहले नोटिस दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर हुई है। वहीं, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इस कार्रवाई की प्रोग्रेस रिपोर्ट 25 मई को हाई कोर्ट में पेश की जानी है, इसलिए यह अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि उपद्रव रोकने के लिए बल प्रयोग जरूरी था।
बार एसोसिएशन की मांगें और हड़ताल का असर
इस घटना के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन ने 18 से 20 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। 18 मई को वकीलों ने ‘काला दिवस’ मनाया और कचहरी परिसर से पुलिस बल को बाहर कर दिया। फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने थाना ठाकुरगंज प्रभारी ओमवीर सिंह और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ
हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम अवैध चैंबरों को हटा रहा था। जब वकीलों ने इस ध्वस्तीकरण का विरोध किया, तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
इस घटना में कितने लोग घायल हुए हैं
इस झड़प में कुल 4 अधिवक्ता और एक पुलिस सिपाही घायल हुए हैं। घायलों में एक महिला वकील रानी रावत भी शामिल हैं, जिनका हाथ फ्रैक्चर हो गया है।