Lucknow में आचार्य सुबल सागर महाराज ने दिया आध्यात्मिक संदेश, बताया ‘षट् आवश्यक’ कर्तव्यों का महत्व

Lucknow: राजधानी लखनऊ में जैन समाज के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का दौर जारी है। आचार्य सुबल सागर महाराज ने उपासकों को जीवन में धर्म और संयम अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने विशेष रूप से ‘षट् आवश्यक’ यानी छह दैन

Lucknow: राजधानी लखनऊ में जैन समाज के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का दौर जारी है। आचार्य सुबल सागर महाराज ने उपासकों को जीवन में धर्म और संयम अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने विशेष रूप से ‘षट् आवश्यक’ यानी छह दैनिक कर्तव्यों के पालन पर जोर दिया है, ताकि लोग आत्मशुद्धि के मार्ग पर चल सकें।

आचार्य महाराज ने बताया कि देवदर्शन, स्वाध्याय, तप और दान जैसे कार्य केवल परंपरा नहीं हैं, बल्कि ये इंसान को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने समझाया कि मंदिर जाना, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना, तपस्या करना और जरूरतमंदों की मदद करना दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए।

बता दें कि आचार्य सुबल सागर महाराज साल 2026 के चातुर्मास के लिए लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं। उन्होंने 19 जुलाई 2026 को इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया था। इसके बाद 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के मौके पर गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) में एक भव्य समारोह के साथ उनके चातुर्मास की शुरुआत हुई।

इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी जिनशासन प्रभावना चातुर्मास समिति संभाल रही है, जिसके अध्यक्ष संजीव जैन और महामंत्री अभिषेक जैन हैं। चातुर्मास के दौरान यहाँ नियमित रूप से प्रवचन और पूजा जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

आने वाले समय में यहाँ कई बड़े आयोजन होंगे, जिनमें सिद्धचक्र महामंडल विधान, स्वतंत्रता दिवस समारोह, भगवान नेमिनाथ जन्म कल्याणक, मोक्ष सप्तमी और रक्षाबंधन शामिल हैं। इसके अलावा पर्युषण महापर्व, क्षमावाणी, अहिंसा दिवस, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली निर्वाण लाडू के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।