UP: लखनऊ में रोडवेज की AC बसों की हालत खराब है। पिछले एक महीने में करीब 17 बार AC बसें रास्ते में खराब हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ बसों को आधुनिक बनाने के दावे हो रहे हैं, वहीं दूसरी
UP: लखनऊ में रोडवेज की AC बसों की हालत खराब है। पिछले एक महीने में करीब 17 बार AC बसें रास्ते में खराब हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ बसों को आधुनिक बनाने के दावे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बसें सड़क पर उतरते ही जवाब दे रही हैं।
बसें खराब होने की मुख्य वजह क्या है
लखनऊ के Awadh Depot में करीब 90 AC बसें हैं, जिनमें से रोजाना 35 से 40 बसें खराब या खड़ी रहती हैं। बताया जा रहा है कि जब से बसों की मरम्मत का काम प्राइवेट एजेंसी को दिया गया है, तब से खराब बसों की संख्या बढ़ गई है। रखरखाव की कमी और 42 डिग्री से ज्यादा तापमान की वजह से AC बार-बार फेल हो रहे हैं।
परिवहन निगम ने क्या निर्देश दिए हैं
UP State Road Transport Corporation (UPSRTC) के प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) RBL Sharma ने 19 प्राइवेट फर्मों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि गर्मी के कारण बसों में आग लगने का खतरा रहता है, इसलिए AC और वायरिंग की सही जांच की जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि ड्राइवर या कंडक्टर अवैध रूप से फैन या ऑडियो सिस्टम न लगवाएं, क्योंकि इससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
यात्रियों पर क्या असर पड़ रहा है
भीषण गर्मी के बीच जब AC बसें खराब होती हैं या डिपो में खड़ी रहती हैं, तो यात्रियों को मजबूरी में बिना AC वाली बसों में सफर करना पड़ता है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि AC का किराया देने के बाद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल रही है। कुछ बसों में तो खिड़कियां टूटी होने के कारण उन्हें जनरल बस की तरह चलाना पड़ रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के अवध डिपो में कितनी AC बसें चालू नहीं हैं
अवध डिपो की कुल 90 AC बसों में से औसतन 35 से 40 बसें रोजाना खराब या ड्राइवरों की कमी के कारण खड़ी रहती हैं।
बसों में आग लगने के खतरे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए
UPSRTC ने प्राइवेट एजेंसियों को वायरिंग की जांच करने और अवैध रूप से लगाए गए ऑडियो सिस्टम या फैन को हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि शॉर्ट सर्किट न हो।