UP: लखनऊ के कला प्रेमियों के लिए रविवार की शाम बेहद खास रही। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलामण्डपम प्रेक्षागृह में चर्चित हिंदी नाटक ‘आखिरी वसंत’ का सफल मंचन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत
UP: लखनऊ के कला प्रेमियों के लिए रविवार की शाम बेहद खास रही। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलामण्डपम प्रेक्षागृह में चर्चित हिंदी नाटक ‘आखिरी वसंत’ का सफल मंचन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के साझा सहयोग से हुआ।
नाटक की कहानी और मुख्य विषय क्या था
इस नाटक में समाज के एक कड़वे सच को दिखाया गया है। कहानी एक ऐसे बुजुर्ग दंपत्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जिनका इकलौता बेटा विदेश में बस गया है और उन्हें अकेला छोड़ दिया है। अकेलेपन से जूझ रहे ये बुजुर्ग रिश्तों का दिखावा करने वाले लोगों का सहारा लेते हैं। कहानी में मोड़ तब आता है जब एक फरार अपराधी उनके घर में शरण लेता है। यह नाटक वृद्धावस्था के अकेलेपन और टूटते पारिवारिक संबंधों की भावनात्मक जरूरतों को सामने रखता है।
किन्होंने निभाई मुख्य भूमिका और निर्देशन किया
नाटक का निर्देशन शुभदीप राहा ने किया। मंच पर वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी और चित्रा मोहन ने वृद्ध दंपत्ति के किरदारों को बहुत जीवंत तरीके से निभाया। इस मंचन में “दर्पण” समूह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. अनिल रस्तोगी ने रंगमंच के प्रति अपना लगाव जताते हुए कहा कि रंगमंच उनका पहला प्रेम है और इस नाटक की कहानी से वे खुद को गहराई से जुड़ा हुआ पाते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आखिरी वसंत नाटक का मंचन कहाँ और कब हुआ
यह नाटक रविवार, 7 जून 2026 को लखनऊ के भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलामण्डपम प्रेक्षागृह में मंचित किया गया।
इस नाटक का आयोजन किन संस्थाओं ने मिलकर किया
इसका आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ ने मिलकर किया।