UP : लखनऊ में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के आने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश शासन के वित्त विभाग के सचिव ने सचिवालय के पारिजात सभागार में कर्मचारी संगठनों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का
UP : लखनऊ में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के आने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश शासन के वित्त विभाग के सचिव ने सचिवालय के पारिजात सभागार में कर्मचारी संगठनों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का मकसद 22 और 23 जून को लखनऊ आने वाले आयोग के दौरे को सफल बनाना और कर्मचारियों की मांगों को सही तरीके से रखना था।
8वें वेतन आयोग के दौरे का पूरा शेड्यूल और जरूरी तारीखें
आयोग के लखनऊ दौरे को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। विशेष सचिव वित्त, नील रतन कुमार को इस पूरे दौरे के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। आयोग के साथ बातचीत के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 10 जून थी और इसकी आधिकारिक सूचना 21 मई को वेबसाइट पर दी गई थी।
| तारीख |
महत्वपूर्ण घटना |
| 3 नवंबर, 2025 |
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हुआ |
| 11 जून, 2026 |
वित्त सचिव और कर्मचारी संगठनों की तैयारी बैठक |
| 22-23 जून, 2026 |
8वें वेतन आयोग का लखनऊ दौरा |
| 1 जनवरी, 2026 |
7वें वेतन आयोग की अवधि समाप्त (एरियर की उम्मीद) |
| अगस्त/सितंबर 2027 |
नई वेतन संरचना लागू होने की संभावना |
वेतन, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या हैं मुख्य मांगें
कर्मचारी संगठन इस बार वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। न्यूनतम मूल वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने की मांग उठ रही है। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 या 3.83 करने का सुझाव दिया गया है, जिससे न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये तक जा सकता है।
- पेंशन सुधार: पुरानी पेंशन योजना (OPS), NPS या UPS में से चुनने का विकल्प मांगा गया है।
- वेतन वृद्धि: सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग है।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: CGHS के तहत ज्यादा अस्पतालों को जोड़ने और कैशलेस इलाज बढ़ाने की बात कही गई है।
- नियमितीकरण: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
8वां वेतन आयोग लखनऊ कब आ रहा है और इसका क्या असर होगा?
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 22 और 23 जून, 2026 को लखनऊ का दौरा करेगा। इस दौरे के दौरान आयोग कर्मचारी संगठनों और वित्त विभाग से मुलाकात कर वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना की समीक्षा करेगा।
कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में कितनी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं?
संगठन फिटमेंट फैक्टर को 3.68-3.83 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 50,000 से 69,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है।