UP : उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी सोमवार, 18 मई 2026 को लखनऊ की सड़कों पर उतरेंगे। अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय का घेराव करने की तैयारी में हैं। राजधानी लखनऊ में इस प्रदर्शन को देखते हु
UP : उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी सोमवार, 18 मई 2026 को लखनऊ की सड़कों पर उतरेंगे। अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय का घेराव करने की तैयारी में हैं। राजधानी लखनऊ में इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें और आरोप क्या हैं?
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सुशील गुप्ता, धनंजय गुप्ता और सुशील कश्यप का कहना है कि यह मामला 2024 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार कोर्ट में मजबूती से पैरवी नहीं कर रही है, जिससे फैसले में देरी हो रही है। उनका दावा है कि हाईकोर्ट का फैसला और NCBC की रिपोर्ट उनके पक्ष में है, फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार 19 मई की सुनवाई में ‘याची लाभ’ का प्रस्ताव पेश करे ताकि आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
आरक्षण विवाद और कोर्ट की कार्यवाही का पूरा मामला
यह भर्ती प्रक्रिया साल 2018 में शुरू हुई थी, लेकिन आरक्षण विसंगतियों के कारण विवाद खड़ा हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि ओबीसी वर्ग को 27% की जगह केवल 3.86% और एससी वर्ग को 21% की जगह 16.2% आरक्षण दिया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 13 अगस्त 2024 को पूरी सूची रद्द कर तीन महीने में नई सूची बनाने का आदेश दिया था, जिसे अभ्यर्थी अधूरा मानते हैं। अब 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी लखनऊ में प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
अभ्यर्थी 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण की विसंगतियों और नियुक्ति में हो रही देरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले की प्रभावी पैरवी नहीं कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब है?
इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ के समक्ष प्रस्तावित है, जिसमें नई इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IAs) पर बहस हो सकती है।