Finance : आम आदमी की रसोई और गाड़ियों के ईंधन से जुड़ी जरूरी खबर आई है। 22 अप्रैल 2026 के लिए LPG, CNG और PNG की ताजा कीमतें जारी हो गई हैं। जहां घरेलू गैस के दामों में ज्यादा बदलाव नहीं है, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की
Finance : आम आदमी की रसोई और गाड़ियों के ईंधन से जुड़ी जरूरी खबर आई है। 22 अप्रैल 2026 के लिए LPG, CNG और PNG की ताजा कीमतें जारी हो गई हैं। जहां घरेलू गैस के दामों में ज्यादा बदलाव नहीं है, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। साथ ही, वैश्विक तनाव के कारण गैस की खपत में भी गिरावट आई है।
प्रमुख शहरों में LPG, CNG और PNG के ताजा दाम क्या हैं?
अलग-अलग शहरों में गैस की कीमतों में अंतर है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के रेट्स नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं।
| शहर |
घरेलू LPG (14.2kg) |
कमर्शियल LPG (19kg) |
CNG (प्रति Kg) |
PNG (प्रति SCM) |
| Delhi |
₹913.00 |
₹2,078.50 |
₹77.09 |
₹47.89 |
| Mumbai |
₹912.50 |
₹2,031.00 |
₹80.50 |
₹50 |
| Chennai |
₹928.50 |
₹2,246.50 |
₹91.50 |
₹50 |
| Kolkata |
₹939.00 |
₹2,208.50 |
₹93.50 |
₹50 |
| Bengaluru |
₹915.50 |
₹2,161.00 |
₹88.95 |
₹52 |
| Hyderabad |
₹965.00 |
₹2,320.50 |
₹97 |
₹51 |
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा क्यों हुआ और खपत क्यों घटी?
कमर्शियल LPG की कीमतों में ₹195 तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस का 44 प्रतिशत तक बढ़ना है। मार्च के महीने में LPG की कुल खपत में 12.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। PPAC के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने से सप्लाई में दिक्कत आई है।
सप्लाई कम होने की वजह से सरकार ने होटलों और उद्योगों को मिलने वाले LPG कोटा में कटौती की है ताकि घरों के लिए गैस की कमी न हो। हालांकि, सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उत्पादन बढ़ाएं।
क्या आने वाले दिनों में गैस की किल्लत होगी?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में LPG की सप्लाई स्थिर है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया कि सप्लाई ठीक होने में चार साल लगेंगे।
सरकार ने बताया कि वह अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से गैस मंगवा रही है। घरेलू ग्राहकों के लिए 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की गई है। साथ ही, गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए DAC (Authentication Code) के जरिए डिलीवरी का काम तेज किया गया है।