UP : लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम पर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अधिकारियों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने वीसी की फोटो का इस्तेमाल कर कई बड़े आईएएस और पीसीएस अधिकार
UP : लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम पर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अधिकारियों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने वीसी की फोटो का इस्तेमाल कर कई बड़े आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को अपना निशाना बनाया। इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब एक अधिकारी को शक हुआ और उन्होंने सीधे उपाध्यक्ष से संपर्क किया।
कैसे किया गया यह साइबर फ्रॉड
ठगों ने वियतनाम के कंट्री कोड (+84) वाले नंबर 528110165 से यह फर्जी अकाउंट चलाया। उन्होंने पहले ‘हाय, कैसे हैं’ जैसे साधारण मैसेज भेजे और फिर भरोसा जीतने के बाद पैसों की मांग की। अलग-अलग अधिकारियों से 20,000 से 48,000 रुपये तक की रकम डिजिटल ट्रांसफर के जरिए मांगी गई और वादा किया गया कि यह पैसा दो दिनों में लौटा दिया जाएगा।
किन अधिकारियों को बनाया गया निशाना
इस फर्जी अकाउंट से अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, मुख्य नगर नियोजन कौशवेंद्र गौतम और जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी सहित कई अधिकारियों को मैसेज भेजे गए। ओएसडी देवांश त्रिवेदी ने जब वीसी से बात की, तब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। यह पहली बार नहीं है, दो महीने पहले भी उपाध्यक्ष का नंबर हैक कर पैसे मांगे गए थे।
पुलिस की कार्रवाई और वीसी की चेतावनी
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और साइबर क्राइम सेल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। साइबर सेल की टीम आईपी एड्रेस और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से पैसे मांगने पर जवाब न दें और ऐसे नंबरों को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
LDA वीसी के नाम से किस नंबर का इस्तेमाल किया गया?
धोखाधड़ी के लिए वियतनाम के कंट्री कोड (+84) वाले मोबाइल नंबर 528110165 का इस्तेमाल किया गया था, जिस पर उपाध्यक्ष की फोटो लगाई गई थी।
साइबर ठग अधिकारियों से कितने पैसे मांग रहे थे?
ठगों ने अलग-अलग अधिकारियों से डिजिटल ट्रांसफर के माध्यम से 20,000, 40,000 और 48,000 रुपये तक की मांग की थी।