UP : लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कोई मैच नहीं, बल्कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की जांच है। LDA ने स्टेडियम के निर्माण, उसके रखरखाव और कॉन्ट्रै
UP : लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कोई मैच नहीं, बल्कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की जांच है। LDA ने स्टेडियम के निर्माण, उसके रखरखाव और कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को परखने के लिए एक स्पेशल कमेटी बनाई है।
जांच कमेटी में कौन है और क्या होगा काम?
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 10 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जिसके अध्यक्ष सचिव विवेक श्रीवास्तव हैं। इस टीम में मुख्य अभियंता, नगर नियोजक, अग्निशमन अधिकारी और पुलिस विभाग के बड़े अफसर शामिल हैं। यह कमेटी स्टेडियम के टर्फ, अभ्यास क्षेत्र और खिलाड़ियों की सुविधाओं का निरीक्षण करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निर्माण कार्य तय मानकों के हिसाब से हुआ है या नहीं।
किन 20 बिंदुओं पर होगी जांच और क्या है समय-सीमा?
कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। जांच के दौरान 20 अलग-अलग बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और आम जनता को मिलने वाली सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, कॉन्ट्रैक्ट की धारा 20.9 के तहत यह भी चेक किया जाएगा कि स्टेडियम में कोई ऐसा कमर्शियल काम या विज्ञापन तो नहीं चल रहा, जिसकी अनुमति नहीं थी।
इकाना स्टेडियम पर पहले भी क्यों उठे सवाल?
स्टेडियम को लेकर हाल ही में कुछ विवाद सामने आए थे। लखनऊ नगर निगम ने प्रशासन को 28.42 करोड़ रुपये के बकाया हाउस टैक्स का नोटिस भेजा था और भुगतान न होने पर सीलिंग की चेतावनी दी थी। इसके अलावा, एक कॉन्सर्ट के बाद कचरा प्रबंधन के नियमों की अनदेखी करने पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। LDA ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर बने किसी भी संस्थान को नियमों का पालन करना होगा, वरना जुर्माना या सीलिंग जैसी कार्रवाई हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इकाना स्टेडियम की जांच क्यों की जा रही है?
LDA स्टेडियम के निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव की स्थिति और कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के पालन की समीक्षा कर रहा है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता का पता लगाया जा सके।
जांच रिपोर्ट कितने दिनों में आएगी?
LDA उपाध्यक्ष ने 10 सदस्यीय विशेष समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।