Lucknow: LDA ने विजिलेंस को सौंपी 50 ‘प्रोफेशनल’ शिकायतकर्ताओं की लिस्ट, IGRS पोर्टल के गलत इस्तेमाल पर होगी जांच

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामले के बाद अब एक नया मोड़ आया है। LDA ने उन टॉप 50 लोगों की सूची विजिलेंस विभाग को सौंप दी है, जो IGRS पोर्टल के जरिए लगातार निर्माण कार्यों की शिकायत

Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामले के बाद अब एक नया मोड़ आया है। LDA ने उन टॉप 50 लोगों की सूची विजिलेंस विभाग को सौंप दी है, जो IGRS पोर्टल के जरिए लगातार निर्माण कार्यों की शिकायतें कर रहे थे। आरोप है कि ये लोग पेशेवर शिकायतकर्ता हैं और पोर्टल का इस्तेमाल निजी दुश्मनी निकालने या वसूली के लिए कर रहे थे।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 1 अगस्त 2026 को यूपी विजिलेंस ने एक जाल बिछाकर LDA के जूनियर इंजीनियर दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और एक निजी व्यक्ति श्रवण कुमार को 7.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एक NRI कारोबारी जितेंद्र नारायण ने शिकायत की थी कि उनके कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई रोकने के लिए अधिकारी पहले 40 लाख और फिर 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अधिकारियों और बिचौलियों के एक गैंग के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

जांच में यह बात सामने आई कि अगर रिश्वत नहीं दी जाती थी, तो IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर निर्माण कार्य रुकवा दिया जाता था। इसी कड़ी में LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल कुछ लोग दूसरों को मानसिक और आर्थिक परेशानी देने के लिए कर रहे हैं। अब LDA ने नियम बना दिया है कि IGRS समेत किसी भी माध्यम से मिली शिकायत पर कार्रवाई करने से पहले उसकी पूरी जांच की जाएगी।

विजिलेंस टीम अब उन 50 लोगों की जांच करेगी जिनकी लिस्ट LDA ने सौंपी है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतें करता पाया गया, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। साथ ही, LDA ऑफिस के प्रवर्तन अनुभाग (Enforcement Section) में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है ताकि बिचौलिये अधिकारियों तक न पहुंच सकें। फिलहाल आरोपी इंजीनियर और सुपरवाइजर जेल में हैं और विजिलेंस उनके बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।