Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों Lasse Lund नाम के एक शख्स की कहानी सुनकर काफी भावुक हो रहे हैं। 33 साल के इस नॉर्वेजियन व्यक्ति की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। Lasse का दावा है कि बचपन में उन्हें मुंब
Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों Lasse Lund नाम के एक शख्स की कहानी सुनकर काफी भावुक हो रहे हैं। 33 साल के इस नॉर्वेजियन व्यक्ति की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। Lasse का दावा है कि बचपन में उन्हें मुंबई की सड़कों पर लावारिस छोड़ दिया गया था और उन्होंने बहुत मुश्किलों में अपना जीवन बिताया।
Lasse Lund की मुंबई से क्या है कहानी
Lasse Lund बताते हैं कि जब वह करीब 10 साल के थे, तब उनके माता-पिता उन्हें और उनके भाई-बहनों को भारत लाए थे। उनका कहना है कि उनके पिता वापस Norway चले गए और मां वीजा ओवरस्टे की वजह से जेल चली गईं। इसके बाद वह मुंबई की सड़कों पर बेघर हो गए। उन्होंने अपना गुजारा करने के लिए टूरिस्ट गाइड का काम किया और धारावी जैसी बस्तियों के गरीब लोगों से मदद मिली। इसी वजह से उनकी बोली में नॉर्वेजियन और भारतीय दोनों भाषाओं का असर दिखता है।
क्यों लोग इन्हें ‘मुंबई की रूह’ कह रहे हैं
हालांकि सरकार या किसी आधिकारिक संस्था ने Lasse Lund को ‘मुंबई की रूह’ (Spirit of Mumbai) घोषित नहीं किया है, लेकिन आम लोग उन्हें इस रूप में देख रहे हैं। लोग उनकी हिम्मत और संघर्ष की सराहना कर रहे हैं। Lasse ने हमेशा मुंबई के उन गरीब लोगों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने मुश्किल समय में उन्हें खाना और सहारा दिया। उनकी यह कहानी शहर के आपसी भाईचारे और कभी न हार मानने वाले जज्बे को दिखाती है।
यूरोप वापसी और वर्तमान स्थिति
Lasse Lund को 18 साल की उम्र से पहले फिनिश और नॉर्वेजियन दूतावासों की मदद से वापस यूरोप भेजा गया। उनका कहना है कि वापस जाने के बाद उन्हें वहां पर्याप्त सरकारी मदद और शिक्षा का सहारा नहीं मिला, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। फिलहाल वह Finland और Norway की दोहरी नागरिकता रखते हैं और अपने YouTube चैनल ‘Unexpected Paths’ और Instagram के जरिए अपनी जिंदगी के अनुभव साझा कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Lasse Lund कौन हैं और वह चर्चा में क्यों हैं
Lasse Lund एक 33 वर्षीय नॉर्वेजियन नागरिक हैं, जो दावा करते हैं कि बचपन में वह मुंबई में बेघर हो गए थे। अपनी संघर्ष भरी कहानी और मुंबई के लोगों के प्रति आभार जताने के कारण वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
क्या Lasse Lund को आधिकारिक तौर पर ‘Spirit of Mumbai’ कहा गया है
नहीं, किसी भी सरकारी या आधिकारिक संस्था ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है। यह केवल मुंबई के लोगों के बीच उनकी कहानी के प्रति लगाव और उनके प्रति सम्मान को व्यक्त करने वाला एक लोकप्रिय विचार है।