UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कैंपस में मौजूद छह लावारिस मजारों को अब हटाया जाएगा। प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और जून 2026 से इन्हें शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। इस कदम से अस्पताल परिसर स
UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कैंपस में मौजूद छह लावारिस मजारों को अब हटाया जाएगा। प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और जून 2026 से इन्हें शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। इस कदम से अस्पताल परिसर से अतिक्रमण खत्म होगा और नए प्रोजेक्ट्स के लिए जगह मिल सकेगी।
मजारों को हटाने का फैसला क्यों लिया गया
KGMU प्रशासन ने इन मजारों के मालिकाना हक के लिए तीन बार नोटिस जारी किए थे। पहला नोटिस 22 जनवरी 2025 को, दूसरा 9 फरवरी 2026 और तीसरा 4 अप्रैल 2026 को भेजा गया था। इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति आगे नहीं आया और न ही कोई वैध दस्तावेज मिले। इसके बाद 12 मई 2026 को नोडल कमेटी ने इन्हें हटाने की सिफारिश की, जिसके बाद प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करने के बजाय शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
किन जगहों से हटेंगी मजारें और क्या होगी प्रक्रिया
परिसर के क्वीनमेरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, ट्रॉमा सेंटर, नेत्र रोग विभाग और गांधी वार्ड में मौजूद मजारों को शिफ्ट किया जाएगा। KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 2022-23 के आदेशों के तहत की जा रही है। इस काम के लिए एक्सपर्ट निजी कंपनियों की मदद ली जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस से बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
अतिक्रमण हटाने से क्या होगा फायदा
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद और प्रशासन का मानना है कि मजारों के हटने से परिसर अतिक्रमण मुक्त होगा। इससे अस्पताल में प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने में आसानी होगी। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर कोई भी व्यक्ति इस कार्रवाई में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KGMU परिसर की कितनी मजारों को शिफ्ट किया जाएगा?
कुल छह लावारिस मजारों को शिफ्ट किया जाएगा, जो क्वीनमेरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, ट्रॉमा सेंटर, नेत्र रोग विभाग और गांधी वार्ड में स्थित हैं।
मजारों को हटाने से पहले प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
प्रशासन ने मालिकाना हक जताने के लिए तीन बार नोटिस (जनवरी 2025, फरवरी 2026 और अप्रैल 2026) जारी किए थे, लेकिन कोई दावेदार सामने नहीं आया।