UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध रूप से बनी छह मजारों को अब हटाया जाएगा। प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए जो आखिरी नोटिस दिया था, उसकी समय सीमा खत्म हो चुकी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन मजार
UP: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध रूप से बनी छह मजारों को अब हटाया जाएगा। प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए जो आखिरी नोटिस दिया था, उसकी समय सीमा खत्म हो चुकी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन मजारों को लावारिस घोषित कर दिया है और अब इनके ध्वस्तीकरण के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को चिट्ठी भेजी गई है।
मजारों को हटाने की कार्रवाई क्यों हो रही है?
KGMU प्रशासन के मुताबिक, परिसर में बनी ये मजारें अवैध हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए इन्हें हटाया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि जनवरी, फरवरी और अप्रैल 2026 में तीन बार नोटिस दिए गए थे। मजारों के प्रबंधकों से वैध दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई कागज पेश किया।
किन जगहों पर बनी हैं ये अवैध मजारें?
परिसर के अलग-अलग हिस्सों में ये छह मजारें स्थित हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये जगहें शामिल हैं:
- क्वीनमैरी अस्पताल परिसर
- माइक्रोबायोलॉजी विभाग
- न्यू बॉयज हॉस्टल
- रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग
- शताब्दी फेज-2
अस्पताल के विस्तार में आ रही थी दिक्कत
प्रशासन का कहना है कि इन अवैध निर्माणों की वजह से संस्थान के विकास कार्य रुके हुए थे। जिन जगहों पर ये मजारें बनी हैं, वहां अस्पताल की सुविधाओं को बढ़ाने, नए शैक्षणिक ब्लॉक बनाने और पार्किंग का विस्तार करने की योजना है। रमजान का महीना खत्म होने के बाद अब इस कार्रवाई को तेज कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
KGMU प्रशासन ने मजारों को हटाने के लिए क्या कदम उठाए?
प्रशासन ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच तीन बार नोटिस जारी किए थे। समय सीमा खत्म होने के बाद अब जिला और पुलिस प्रशासन को ध्वस्तीकरण के लिए पत्र भेजा गया है।
इन मजारों को हटाने से अस्पताल को क्या फायदा होगा?
इन अवैध निर्माणों के हटने से अस्पताल के विस्तार, नई शैक्षणिक सुविधाओं और पार्किंग एरिया को बढ़ाने में मदद मिलेगी।