MP: कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पुणे एक्सप्रेस से 160 से ज्यादा मुस्लिम बच्चों को उतारा गया था। ये बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और इन्हें महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाया जा रहा था। अब प्रशासन ने
MP: कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पुणे एक्सप्रेस से 160 से ज्यादा मुस्लिम बच्चों को उतारा गया था। ये बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और इन्हें महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाया जा रहा था। अब प्रशासन ने इन बच्चों को सुरक्षित तरीके से वापस बिहार भेजने की तैयारी पूरी कर ली है।
बच्चों को वापस भेजने की क्या है प्रक्रिया?
करीब एक हफ्ते से ये बच्चे कटनी और जबलपुर के बाल सुरक्षा गृहों में रह रहे हैं। बाल कल्याण समिति (CWC) और GRP की निगरानी में इन्हें अररिया CWC को सौंपा जाएगा। अब तक लगभग 100 बच्चों की रिपोर्ट मिल चुकी है और उन्हें वापस भेजने का काम शुरू हो गया है। बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके माता-पिता से संपर्क किया जा रहा है।
पुलिस जांच में क्या बातें सामने आईं?
RPF और GRP ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 143 के तहत केस दर्ज किया है। पकड़े गए लोग खुद को लातूर (महाराष्ट्र) के मदरसों का शिक्षक बता रहे थे। पुलिस की टीमें नांदेड़ और लातूर जाकर जांच कर चुकी हैं, जहां मानव तस्करी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों को केवल धार्मिक शिक्षा के लिए ले जाया जा रहा था।
मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| बच्चों की संख्या |
160 से 170 के बीच |
| बच्चों की उम्र |
6 से 15 साल |
| कहाँ से थे बच्चे |
अररिया, बिहार |
| कहाँ ले जाया जा रहा था |
महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसे |
| पकड़े गए लोग |
8 शिक्षक (सद्दाम, अमानुल्लाह और अन्य) |
| संबंधित ट्रेन |
पटना-पुणे एक्सप्रेस |