Karnataka: राज्य के स्कूलों में अब बच्चे अश्लील गानों पर डांस नहीं कर पाएंगे। Department of School Education and Literacy (DSEL) ने 28 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया है। यह नियम सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट सभी स
Karnataka: राज्य के स्कूलों में अब बच्चे अश्लील गानों पर डांस नहीं कर पाएंगे। Department of School Education and Literacy (DSEL) ने 28 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया है। यह नियम सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट सभी स्कूलों पर लागू होगा। स्कूल के एनुअल डे और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अब केवल मर्यादित गानों का ही इस्तेमाल होगा।
स्कूलों के लिए क्या हैं नए नियम?
DSEL ने साफ़ किया है कि स्कूल ज्ञान के मंदिर होते हैं और यहाँ बच्चों के चरित्र और संस्कारों का निर्माण होता है। आदेश के मुताबिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ऐसे गानों का चुनाव करना होगा जो सकारात्मक हों और Karnataka की सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दें। इसके साथ ही, प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के कपड़े भी शालीन और उचित होने चाहिए।
यह फैसला क्यों लिया गया?
यह कदम Karnataka Rakshana Vedike Swabhimani जैसे सांस्कृतिक समूहों की मांग के बाद उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि अश्लील गानों और डांस का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और नैतिक विकास पर बुरा असर पड़ता है। हाल के दिनों में कुछ स्कूलों में अनुचित गानों के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
सर्कुलर में यह साफ़ कहा गया है कि इन नियमों का पालन कराना स्कूल मैनेजमेंट और हेडटीचर्स की जिम्मेदारी होगी। अगर किसी स्कूल में इन निर्देशों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह नियम किन स्कूलों पर लागू होगा?
यह नियम Karnataka के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त (aided) और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा।
DSEL ने गानों के चुनाव के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
स्कूलों को ऐसे गाने चुनने होंगे जो सकारात्मक हों, राज्य की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हों और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हों।